Iran University Bombing: ईरान की 30 से ज़्यादा यूनिवर्सिटी पर हुआ हमला, युद्धविराम के बीच तबाही की आई डरावनी तस्वीरें.
अमेरिका, इसराइल और ईरान के बीच चल रहे भारी तनाव के बीच एक कमज़ोर युद्धविराम लागू हुआ है, लेकिन इस बीच ईरान के शिक्षा क्षेत्र से जुड़ी डरावनी खबरें सामने आ रही हैं। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार ईरान की लगभग 30 से ज़्यादा यूनिवर्सिटी को सीधे तौर पर हमलों का निशाना बनाया गया है। इन हमलों में ईरान के सबसे बड़े और महत्वपूर्ण वैज्ञानिक संस्थानों को भारी नुकसान पहुँचा है, जिससे वहां का पूरा एकेडमिक ढांचा हिल गया है।
ईरान की किन प्रमुख यूनिवर्सिटी को पहुँचा है सबसे ज़्यादा नुकसान?
ईरान के विज्ञान मंत्री के हवाले से मिली जानकारी के मुताबिक फरवरी 2026 से शुरू हुए इस संघर्ष में शिक्षा केंद्रों को काफी निशाना बनाया गया है। इनमें सबसे प्रमुख नाम शरीफ यूनिवर्सिटी का है जो विज्ञान के क्षेत्र में ईरान की पहचान मानी जाती है।
- Sharif University of Technology: तेहरान की इस टॉप यूनिवर्सिटी के कैंपस में भारी तबाही देखी गई है।
- Shahid Beheshti University: यहाँ के शैक्षणिक ढांचे को हमलों में काफी नुकसान पहुँचा है।
- Isfahan University of Technology: इस्फहान में स्थित इस संस्थान पर भी सीधे हमले हुए हैं।
- University of Science and Technology: तेहरान में स्थित इस संस्थान को भी युद्ध की आग ने अपनी चपेट में लिया है।
युद्धविराम की वर्तमान स्थिति और विवाद की मुख्य वजह क्या है?
7 अप्रैल 2026 को अमेरिका और ईरान के बीच दो हफ्ते के लिए युद्धविराम पर सहमति बनी थी लेकिन यह अभी भी बहुत ही नाजुक मोड़ पर है। दोनों देशों के बीच शर्तों को लेकर अलग-अलग दावे किए जा रहे हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि उन्हें ईरान से 10 सूत्रीय प्रस्ताव मिला है, लेकिन वाइस प्रेसिडेंट जेडी वेंस ने साफ कर दिया है कि इस युद्धविराम में लेबनान शामिल नहीं है। दूसरी तरफ ईरान और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ का मानना है कि यह समझौता हर जगह लागू होना चाहिए।
आने वाले दिनों में शांति के लिए क्या उठाए जा रहे हैं कदम?
| तारीख | कार्यक्रम / घटना | प्रमुख व्यक्ति |
|---|---|---|
| 11 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में शांति वार्ता | जेडी वेंस और मोहम्मद बागेर गालिबफ |
| 10 अप्रैल 2026 | हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर चेतावनी | डोनाल्ड ट्रंप |
| 9 अप्रैल 2026 | लेबनान में इसराइली हमले जारी | बेंजामिन नेतन्याहू |
ईरान के नए सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई ने कहा है कि वे युद्ध नहीं चाहते हैं, लेकिन अपने अधिकारों की रक्षा के लिए पीछे नहीं हटेंगे। वहीं दूसरी ओर कुवैत ने ईरान पर ड्रोन हमलों का आरोप लगाया है जिसे ईरान ने गलत बताया है। अब सबकी नजरें शनिवार को इस्लामाबाद में होने वाली हाई-लेवल मीटिंग पर टिकी हैं जहां शांति की अगली राह तय हो सकती है।




