अमेरिका और ईरान के बीच हुई एक बड़ी डील के बाद अब Strait of Hormuz में जहाजों की आवाजाही फिर से शुरू हो गई है। अमेरिकी सेना ने इस इलाके से नाकाबंदी हटा ली है, जिससे दुनिया भर के व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खुल गया है। U.S. Central Command ने पुष्टि की है कि 20 जून से यहाँ समुद्री ट्रैफिक काफी बढ़ गया है।
👉: US-Iran Deal: अमेरिका और ईरान के बीच हुआ बड़ा समझौता, अब अमेरिकी सेना रखेगी कड़ी नज़र।
अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता
17 जून 2026 को अमेरिका और ईरान ने एक अंतरिम समझौता (MoU) साइन किया। इस समझौते के तहत दोनों देशों ने 60 दिनों के लिए ceasefire यानी युद्धविराम पर सहमति जताई। इस डील में अमेरिका ने ईरान पर लगे प्रतिबंध हटाने और ईरान के पुनर्निर्माण के लिए 300 अरब डॉलर का फंड देने की बात कही है।
जहाजों के लिए खुला रास्ता
18 जून 2026 को अमेरिकी सेना ने ईरानी बंदरगाहों और तटीय क्षेत्रों की नाकाबंदी पूरी तरह हटा ली। इसके बाद 18 जून को ही 25 जहाजों ने इस रास्ते को पार किया, जो अप्रैल के बाद सबसे बड़ी संख्या थी। Joint Maritime Information Centre (JMIC) ने अब इस इलाके में खतरे के स्तर को ‘सबस्टेंशियल’ से घटाकर ‘मॉडरेट’ कर दिया है, जिसका मतलब है कि हमला हो सकता है लेकिन इसकी संभावना कम है।
सुरक्षा और नए नियम
राष्ट्रपति Donald Trump ने बताया कि ‘Project Freedom’ के तहत अमेरिका ने गुप्त रूप से कम से कम 87 तेल टैंकरों को सुरक्षित रास्ता दिलाया। हालांकि, समुद्र में अब भी बारूदी सुरंगों (mines) का खतरा है, इसलिए JMIC ने जहाजों को सावधानी बरतने और खास रास्तों (Traffic Separation Scheme) से बचने की सलाह दी है।
व्यापारिक जहाजों के लिए नए नियम
- ट्रांजिट रिक्वेस्ट: ईरानी Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने कहा कि अब जहाजों को 48 घंटे पहले सूचना देनी होगी।
- टैक्स में छूट: 60 दिनों के इस समझौते के दौरान जहाजों के लिए टैरिफ और ईरानी इंश्योरेंस की फीस माफ कर दी गई है।
- सफाई अभियान: समुद्र से बारूदी सुरंगों को हटाने का काम 30 दिनों के भीतर पूरा किया जाएगा।
इस पूरे मामले में G7 देशों, जिनमें फ्रांस, ब्रिटेन, जर्मनी, जापान, इटली और कनाडा शामिल हैं, ने भी जहाजों की बिना किसी रोक-टोक आवाजाही का समर्थन किया है।