Strait of Hormuz: अमेरिका और ईरान में भिड़ंत, जहाजों के गुजरने पर दोनों के अलग दावे, इस्लामाबाद में शुरू हुई शांति वार्ता
Strait of Hormuz को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। जहाँ ईरान का कहना है कि कोई अमेरिकी जहाज वहाँ से नहीं गुजरा, वहीं अमेरिका ने दावा किया है कि उसके कई जहाज इस रास्ते से निकले हैं। इस बीच दोनों देशों के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में शांति वार्ता शुरू हुई है ताकि इस विवाद को सुलझाया जा सके।
अमेरिका और ईरान के दावों में बड़ा अंतर
11 अप्रैल 2026 को ईरान के एक सैन्य अधिकारी ने दावा किया कि किसी भी अमेरिकी जहाज ने Strait of Hormuz पार नहीं किया। ईरान के मुताबिक, एक अमेरिकी सैन्य जहाज को चेतावनी दी गई थी कि अगर वह उनके नियंत्रित जलमार्ग में घुसा तो 30 मिनट में हमला कर दिया जाएगा, जिसके बाद वह जहाज वापस मुड़ गया। इसके उलट, अमेरिका ने मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए बताया कि उनके कई नेवी जहाज इस रास्ते से गुजरे और यह काम बिना किसी तालमेल के किया गया।
शांति वार्ता और माइन क्लियरेंस की समस्या
अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत के लिए इस्लामाबाद में बैठकें शुरू हो गई हैं। इस वार्ता का नेतृत्व US Vice President JD Vance और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi कर रहे हैं। बातचीत के दौरान यह बात सामने आई कि ईरान को समुद्र में बिछाए गए माइन्स (बारूदी सुरंगों) को हटाने में तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे रास्ता पूरी तरह खोलने में देरी हो रही है।
ट्रम्प के बयान और अंतरराष्ट्रीय कानून
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सोशल मीडिया पर कहा कि अमेरिकी सेना ने Strait of Hormuz को साफ करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और ईरान की माइन ड्रॉपर्स नावों को डुबो दिया गया है। उन्होंने कहा कि यह रास्ता जल्द ही सबके लिए खुल जाएगा। वहीं, अंतरराष्ट्रीय समुद्री कानून (UNCLOS) के अनुसार, यह जलमार्ग किसी एक देश की संपत्ति नहीं बल्कि एक ग्लोबल शिपिंग रूट है, इसलिए इस पर टैक्स लगाना कानूनी तौर पर गलत माना जाता है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| तारीख | 11 अप्रैल, 2026 |
| वार्ता का स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| मुख्य विवाद | Strait of Hormuz से जहाजों का गुजरना |
| अमेरिका का दावा | नेवी जहाजों ने रास्ता पार किया |
| ईरान का दावा | कोई अमेरिकी जहाज पार नहीं हुआ |
| तकनीकी समस्या | ईरान को माइन हटाने में परेशानी |
| वित्तीय मुद्दा | जमे हुए ईरानी एसेट्स को छोड़ने की चर्चा |




