अमेरिका और ईरान के बीच Strait of Hormuz को लेकर एक बार फिर नया विवाद खड़ा हो गया है। अमेरिका ने दावा किया है कि उसके युद्धपोतों ने वहां बिछाई गई समुद्री माइन्स को हटाने का काम शुरू कर दिया है, लेकिन ईरान ने इन बातों को पूरी तरह गलत बताया है। इस खींचतान की वजह से समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ गया है और जहाजों की आवाजाही काफी कम हो गई है।

🚨: Iran-USA Negotiations: ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कूटनीति से सुरक्षित करेंगे अपने हित, पाकिस्तान में चल रही है बातचीत

अमेरिका ने क्या दावा किया और ईरान का क्या कहना है?

US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि USS Frank E. Peterson और USS Michael Murphy नाम के दो जहाजों ने Strait of Hormuz पार किया। इनका काम उन समुद्री माइन्स को हटाना था जिन्हें ईरान के IRGC ने लगाया था। राष्ट्रपति Donald Trump ने इसे पूरी दुनिया के लिए एक मदद बताया है और दावा किया है कि ईरान के माइन बिछाने वाले जहाजों को तबाह कर दिया गया है। दूसरी तरफ, ईरान के प्रवक्ता Ebrahim Zolfaghari ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि कोई भी अमेरिकी जहाज वहां नहीं पहुंचा है और पूरा कंट्रोल ईरानी सेना के पास है।

जहाजों के लिए क्या नियम हैं और आगे क्या होगा?

ईरान की IRGC Navy ने साफ चेतावनी दी है कि Strait of Hormuz से केवल गैर-सैन्य जहाजों को ही गुजरने की अनुमति मिलेगी। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी सैन्य जहाज यहां घुसने की कोशिश करेगा तो उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा। फिलहाल अमेरिका और ईरान के अधिकारी पाकिस्तान के इस्लामाबाद में बातचीत कर रहे हैं ताकि युद्धविराम को आगे बढ़ाया जा सके, लेकिन अभी तक कोई ठोस समझौता नहीं हुआ है।

तारीख मुख्य घटना
28 फरवरी 2026 Operation Epic Fury की शुरुआत हुई
मार्च 2026 ईरान ने Strait of Hormuz में माइन्स बिछाईं
11-12 अप्रैल 2026 अमेरिकी जहाजों का ऑपरेशन और ईरान का इनकार
22 अप्रैल 2026 मौजूदा युद्धविराम (Ceasefire) खत्म होने की तारीख