US-Iran Talks: अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल, अब नहीं होगी सीधी बात, इस्लामाबाद मीटिंग के बाद बढ़ा तनाव
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बड़ी मीटिंग बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई है। करीब 21 घंटे तक चली इस बातचीत के बाद अमेरिकी अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि फिलहाल दोनों देशों के बीच कोई सीधी बातचीत दोबारा शुरू नहीं होगी। इस खबर के बाद मिडिल ईस्ट के देशों में तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
बातचीत क्यों नहीं हो पाई और मुख्य विवाद क्या था?
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि अमेरिका ने अपनी तरफ से सबसे अच्छा और आखिरी ऑफर दिया था। विवाद मुख्य रूप से इस बात पर था कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की अमेरिकी शर्त को मानने को तैयार नहीं था। वहीं ईरान के प्रतिनिधिमंडल के मुखिया Mohammad Bagher Qalibaf ने अमेरिकी मांगों को बहुत ज्यादा बताया और इसे उनकी मनमानी कहा।
इस मीटिंग से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| तारीख | 12 अप्रैल 2026 |
| स्थान | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| अमेरिकी नेतृत्व | JD Vance (उपराष्ट्रपति) |
| ईरानी नेतृत्व | Mohammad Bagher Qalibaf (संसद स्पीकर) |
| बातचीत का समय | करीब 21 घंटे |
| मुख्य मध्यस्थ | पाकिस्तान सरकार |
आगे क्या हो सकता है और मौजूदा हालात क्या हैं?
दोनों देशों के बीच पिछले दो हफ़्तों से एक नाजुक युद्धविराम (ceasefire) चल रहा था, लेकिन मीटिंग फेल होने के बाद अब इसके जारी रहने पर संदेह है। दूसरी तरफ, अमेरिकी नौसेना ने Strait of Hormuz में माइन क्लियरिंग का काम किया है, जिसे ईरान ने गलत बताया और चेतावनी दी है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने दोनों पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है और भविष्य में भी मदद की पेशकश की है।




