US-Iran Talks Update: अमेरिका और ईरान की बातचीत फेल, उपाध्यक्ष ने कहा राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए लड़ेंगे
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। ईरान के उपाध्यक्ष मोहम्मद रज़ा आरिफ ने साफ शब्दों में कहा है कि उनका देश अपने कानूनी अधिकारों और राष्ट्रीय सुरक्षा की रक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह तनाव उस समय बढ़ रहा है जब दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों और होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर गहरी असहमति बनी हुई है।
अमेरिका और ईरान की बातचीत क्यों नहीं हो पाई
अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने जानकारी दी कि इस्लामाबाद में हुई बातचीत इसलिए विफल रही क्योंकि ईरान ने परमाणु हथियार विकसित न करने की अमेरिकी शर्तों को स्वीकार नहीं किया। ईरान की मांग थी कि उसे होर्मुज जलडमरूमध्य पर अपना अधिकार मिले और युद्ध से हुए नुकसान का उचित मुआवजा दिया जाए। दूसरी ओर, अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल केवल तनाव कम करने वाले तंत्र और कैदियों की रिहाई जैसे सीमित मुद्दों पर बात करना चाहता था।
ईरान के उपाध्यक्ष और सरकार का रुख
उपाध्यक्ष मोहम्मद रज़ा आरिफ ने सोशल मीडिया पर लिखा कि अगर अमेरिका ‘इजराइल फर्स्ट’ की नीति अपनाता है, तो समझौता होना नामुमकिन होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य से लेकर मुआवजे की मांग तक अपने सभी अधिकारों के लिए मजबूती से खड़ा रहेगा। सरकार की प्रवक्ता फातिमा मोहजेरानी ने भी पुष्टि की है कि राष्ट्रीय सुरक्षा सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता बनी रहेगी।
विवाद की टाइमलाइन और मुख्य घटनाक्रम
यह पूरा विवाद 28 फरवरी 2026 को अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच शुरू हुए युद्ध से जुड़ा है। हाल ही में एक दो हफ्ते का युद्धविराम लागू था, जिसके दौरान इस्लामाबाद में शांति वार्ता का प्रयास किया गया था।
| तारीख | मुख्य घटना |
|---|---|
| 7 अप्रैल 2026 | ईरान ने सभी संभावित स्थितियों के लिए तैयारी की बात कही |
| 11 अप्रैल 2026 | उपाध्यक्ष आरिफ ने अमेरिका की इजराइल समर्थक नीति पर सवाल उठाए |
| 12 अप्रैल 2026 | इस्लामाबाद में वार्ता बिना किसी नतीजे के समाप्त हुई |
| 13 अप्रैल 2026 | ईरान ने अपने कानूनी अधिकारों और सुरक्षा के बचाव का ऐलान किया |




