अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत नाकाम, ट्रंप ने दी चेतावनी, Strait of Hormuz में ships को रोका जाएगा
अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने की कोशिशें नाकाम हो गई हैं। पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई लंबी बातचीत के बाद भी दोनों देश किसी समझौते पर नहीं पहुँच पाए। इस वजह से अब मिडिल ईस्ट में तनाव और बढ़ सकता है, क्योंकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अब समुद्र के रास्ते पर पाबंदी लगाने का इशारा किया है।
बातचीत क्यों नाकाम हुई और अब क्या होगा?
अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि ईरान परमाणु हथियार न बनाने की शर्तों को मानने के लिए तैयार नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन ने तेहरान को अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर दिया था। वहीं, ईरान के संसदीय स्पीकर मोहम्मद बागर गालिबाफ ने कहा कि अमेरिका ईरान का भरोसा जीतने में नाकाम रहा।
बातचीत टूटने के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सख्त कदम उठाने का फैसला किया है। उन्होंने ऐलान किया कि अमेरिकी सेना अब Strait of Hormuz में आने-जाने वाले जहाजों की तुरंत नाकाबंदी शुरू करेगी। अमेरिकी नौसेना उन जहाजों की भी तलाशी लेगी जिन्होंने ईरान को टोल दिया है।
क्षेत्रीय स्थिति और ताजा अपडेट्स
मिडिल ईस्ट के अन्य देशों में भी हलचल तेज है। बहरीन ने बताया कि ईरान के हमलों के बाद से अब तक भारी संख्या में मिसाइल और ड्रोन रोके गए हैं। सऊदी अरब ने भी अपने तेल पाइपलाइन और तेल क्षेत्रों की मरम्मत का काम पूरा कर लिया है।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| बातचीत की जगह | इस्लामाबाद, पाकिस्तान |
| कुल बातचीत का समय | 21 घंटे |
| बहरीन द्वारा रोकी गई मिसाइल | 194 मिसाइल |
| बहरीन द्वारा रोके गए ड्रोन | 516 ड्रोन |
| सऊदी अरब अपडेट | East-West तेल पाइपलाइन और Manila तेल क्षेत्र की मरम्मत हुई |
| अमेरिकी नौसेना की कार्रवाई | Strait of Hormuz में माइन-क्लियरिंग ऑपरेशन शुरू |
| युद्ध की शुरुआत | फरवरी 2026 के अंत में |




