US-Iran Talks Fail: अमेरिका और ईरान की बातचीत टूटी, ट्रंप ने लगाया ईरान पर समुद्री नाकेबंदी का घेरा
अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में चल रही सीधी बातचीत बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। इस विफलता के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर नौसैनिक नाकेबंदी का ऐलान कर दिया है। दुनिया भर में तनाव बढ़ गया है क्योंकि दोनों देशों के बीच परमाणु हथियारों और समुद्री रास्तों को लेकर गहरा मतभेद है।
ℹ️: Islamabad Summit: ईरान और अमेरिका की बातचीत रही नाकाम, अपनी शर्तों पर अड़ा रहा ईरान।
बातचीत क्यों फेल हुई और क्या था मुख्य विवाद?
अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, बातचीत टूटने की मुख्य वजह यूरेनियम का भंडार था। अमेरिका चाहता था कि ईरान यूरेनियम संवर्धन (enrichment) को रोके और अपने संवर्धित यूरेनियम को हटाए। वहीं ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण की मांग की थी। अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance ने बताया कि वॉशिंगटन ने अपना सबसे अच्छा और आखिरी ऑफर दिया था, लेकिन ईरान ने उसे स्वीकार नहीं किया।
परमाणु बम का दावा और अमेरिका का कड़ा रुख
बातचीत के दौरान अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ ने खुलासा किया कि ईरान ने गर्व से दावा किया कि उसके पास 460 किलोग्राम 60% संवर्धित यूरेनियम है। ईरान के अनुसार यह मात्रा 11 परमाणु बम बनाने के लिए काफी है। इस खुलासे और बातचीत की विफलता के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान की समुद्री सीमाओं को ब्लॉक करने का आदेश दिया है।
गल्फ देशों और तेल की कीमतों पर क्या होगा असर?
इस तनाव के बीच गल्फ देशों ने अपनी तैयारी तेज कर दी है। सऊदी अरब के ऊर्जा मंत्रालय ने अपनी मुख्य पूर्व-पश्चिम तेल पाइपलाइन को फिर से चालू कर दिया है, जबकि कतर ने शिपिंग पर कुछ पाबंदियां कम की हैं ताकि तेल की कीमतों में ज्यादा बढ़ोतरी न हो। फिलहाल एक नाजुक युद्धविराम (ceasefire) जारी है और पाकिस्तान दोनों देशों से इसे बनाए रखने की अपील कर रहा है।




