अमेरिका और ईरान के बीच पाकिस्तान के इस्लामाबाद में हुई बड़ी बैठक बिना किसी समझौते के खत्म हो गई है। दोनों देशों के बीच करीब 21 घंटे तक बातचीत चली लेकिन सात हफ्ते से चल रहे युद्ध को खत्म करने के लिए कोई रास्ता नहीं निकला। अब पाकिस्तान ने दोनों देशों को एक बार फिर बातचीत की मेज पर बुलाने का प्रस्ताव दिया है ताकि 22 अप्रैल को खत्म होने वाले युद्धविराम से पहले कोई हल निकल सके।

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इस्लामाबाद बैठक में क्या हुआ और क्यों नहीं बनी बात?

यह बातचीत 11 और 12 अप्रैल 2026 को हुई थी, जिसमें अमेरिका की तरफ से उपराष्ट्रपति JD Vance और ईरान की तरफ से संसदीय स्पीकर मोहम्मद बाक़िर क़ालिबफ़ ने नेतृत्व किया। अमेरिका की मुख्य शर्त थी कि ईरान परमाणु हथियार विकसित न करे, जिसे ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। ईरान का कहना था कि अमेरिका ने उनका भरोसा नहीं जीता, जबकि अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल ने इसे अपना आखिरी और सबसे अच्छा ऑफर बताया।

आगे की क्या योजना है और पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

  • दूसरे दौर का प्रस्ताव: पाकिस्तान ने 22 अप्रैल की समय सीमा से पहले दूसरे दौर की बातचीत आयोजित करने का प्रस्ताव दिया है।
  • ट्रंप का बयान: राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि ईरान ने उनसे संपर्क किया है और वे डील करने के इच्छुक हैं।
  • सख्त चेतावनी: बातचीत की कोशिशों के बीच ट्रंप ने चेतावनी दी कि अमेरिकी नौसेना के ब्लॉकेड के पास आने वाली किसी भी ईरानी नाव को नष्ट कर दिया जाएगा।
  • UN की राय: संयुक्त राष्ट्र महासचिव के प्रवक्ता ने कहा कि हालांकि कोई समझौता नहीं हुआ, लेकिन यह बातचीत एक सकारात्मक कदम थी।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.