US-Iran के बीच सुलह की कोशिश, पाकिस्तान और तुर्की बने बिचौलिए, ट्रंप ने 5 दिन के लिए टाले हमले
अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव को कम करने के लिए पाकिस्तान, तुर्की और मिस्र जैसे देश अब मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने आधिकारिक तौर पर इस बातचीत की मेजबानी करने की पेशकश की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत में कुछ बड़े समझौते हुए हैं, जिसके चलते ईरान के तेल ठिकानों पर होने वाले हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टाल दिया गया है। हालांकि, ईरान के अधिकारियों ने अभी तक अमेरिका के साथ किसी भी सीधी बातचीत से इनकार किया है।
पाकिस्तान और अन्य देशों की इस बातचीत में क्या भूमिका है?
पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय ने पुष्टि की है कि वे अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत शुरू कराने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। पाकिस्तान ने कहा है कि वह हमेशा से कूटनीति और बातचीत का समर्थन करता रहा है। तुर्की और मिस्र भी इस मामले में अमेरिका और ईरान के बीच संदेश पहुंचाने का काम कर रहे हैं। अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ इन देशों के साथ लगातार संपर्क में हैं और चर्चा कर रहे हैं।
- पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने बातचीत की मेजबानी के लिए अपनी इच्छा जताई है।
- राष्ट्रपति ट्रंप ने पाकिस्तान की इस पेशकश को सोशल मीडिया पर साझा किया है।
- अमेरिका की ओर से जेडी वेंस को मुख्य वार्ताकार बनाए जाने की चर्चा है।
- ईरान ने स्वीकार किया है कि उन्हें मित्र देशों के जरिए अमेरिका के संदेश मिल रहे हैं।
ईरान ने समझौते के लिए कौन सी शर्तें रखी हैं?
ईरान ने साफ किया है कि किसी भी नतीजे पर पहुंचने के लिए उनकी शर्तों को मानना जरूरी होगा। ईरान की तरफ से जारी की गई मांगों में खाड़ी देशों से अमेरिकी सैन्य ठिकानों को हटाना और भविष्य में हमले न करने की गारंटी शामिल है। इसके अलावा ईरान ने हुए नुकसान के लिए पूरे मुआवजे की मांग भी की है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची इस समय मध्यस्थ देशों के साथ चर्चा कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने किसी भी सीधी बातचीत की खबर को गलत बताया है।
इस तनावपूर्ण माहौल का आम जनता और बाजार पर क्या असर है?
दुनिया भर के तेल व्यापार के लिए सबसे जरूरी हॉर्मुज जलडमरूमध्य फिलहाल बंद है, जिससे ऊर्जा बाजार में काफी उथल-पुथल मची हुई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां से व्यापार करने वालों के लिए यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। जानकारों का कहना है कि हालांकि हमले कुछ दिनों के लिए टल गए हैं, लेकिन स्थिति अभी भी काफी नाजुक है। इजरायल ने भी बयान दिया है कि वह अपने हितों की रक्षा के लिए ईरान में हमले जारी रख सकता है।
| मुख्य देश | भूमिका | वर्तमान स्थिति |
|---|---|---|
| पाकिस्तान | मेजबान और मध्यस्थ | बातचीत के लिए जगह देने की पेशकश की |
| अमेरिका | मुख्य पक्ष | 5 दिनों के लिए हमलों पर रोक लगाई |
| ईरान | मुख्य पक्ष | सीधी बातचीत से इनकार, लेकिन संदेश मिल रहे हैं |
| इजरायल | प्रभावित पक्ष | अपने हितों के लिए हमले जारी रखने की बात कही |




