अमेरिका और ईरान की बातचीत के बाद रूस ने मिलाया तेहरान को फोन, जंग रोकने की कोशिश तेज
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों में अब रूस भी शामिल हो गया है। हाल ही में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी अधिकारियों के बीच सकारात्मक बातचीत हुई थी। इसके तुरंत बाद रूस और ईरान के विदेश मंत्रियों ने फोन पर चर्चा की। इस बातचीत में इलाके में शांति बनाए रखने और संघर्ष को तुरंत रोकने की अपील की गई है।
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ईरान और रूस के बीच बातचीत में क्या खास रहा?
रूस के विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव ने साफ कहा है कि युद्ध रोकने के लिए राजनीतिक समाधान ही एकमात्र रास्ता है। उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किसी भी तरह के हमले का विरोध किया है। रूस का मानना है कि बुशहर जैसे ठिकानों पर हमला होने से वहां काम कर रहे रूसी लोगों और पर्यावरण को भारी नुकसान हो सकता है। इस दौरान ईरान ने रूस की तरफ से मिल रही मानवीय मदद और कूटनीतिक सहयोग के लिए शुक्रिया भी अदा किया।
ट्रंप के फैसले और मौजूदा हालात की बड़ी बातें
- अमेरिका ने ईरान के पावर प्लांट और एनर्जी ठिकानों पर होने वाले हमलों को 5 दिनों के लिए रोक दिया है
- ईरानी संसद के स्पीकर मोहम्मद बागेर गालिबफ ने अमेरिकी पक्ष के साथ सीधी बातचीत की
- रूस अब सुरक्षा परिषद में तनाव कम करने के लिए दबाव बनाएगा
- क्रेमलिन के मुताबिक बातचीत बहुत पहले शुरू हो जानी चाहिए थी ताकि नुकसान कम हो




