अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच एक बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा है कि दोनों देशों के बीच बातचीत सकारात्मक रही है और एक बेहतरीन समझौते की संभावना है। इसी के चलते ट्रंप ने ईरान के पावर प्लांट और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर होने वाले सैन्य हमलों को फिलहाल 5 दिनों के लिए टालने का आदेश दिया है। यह फैसला उस समय आया है जब अमेरिका द्वारा दी गई हमले की समय सीमा खत्म होने वाली थी।

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अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत हुई?

ट्रंप के अनुसार पिछले दो दिनों में ईरान के साथ बहुत ही फलदायक चर्चा हुई है जिसका उद्देश्य मिडिल ईस्ट में जारी दुश्मनी को खत्म करना है। दोनों देशों ने करीब 15 मुख्य बिंदुओं पर सहमति जताई है। ट्रंप का कहना है कि मुख्य लक्ष्य ईरान को परमाणु हथियार बनाने से रोकना और क्षेत्र में शांति लाना है। व्हाइट हाउस ने सोशल मीडिया पर संदेश जारी कर कहा है कि अमेरिका की नीति हमेशा ताकत के साथ शांति बनाए रखने की रही है। हालांकि, कतर, तुर्की और मिस्र इस मामले में समझौते के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।

ईरान का इस मामले पर क्या स्टैंड है?

जहाँ एक तरफ अमेरिका समझौते की उम्मीद जता रहा है, वहीं ईरान के अधिकारियों ने बातचीत की खबरों को पूरी तरह से नकार दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय और वहां के सरकारी मीडिया का कहना है कि उनकी तरफ से कोई सीधी या अप्रत्यक्ष बातचीत नहीं हो रही है। ईरान के अनुसार ट्रंप के बयान सिर्फ तेल की कीमतें कम करने और अपनी पिछली धमकियों से पीछे हटने का एक तरीका हैं।

  • ईरान ने दावा किया है कि ट्रंप ने उनके सैन्य जवाब के डर से हमला टाला है।
  • पाकिस्तान के इस्लामाबाद में दोनों देशों के बीच उच्च स्तरीय बैठक होने की संभावना जताई जा रही है।
  • इजरायली मीडिया के अनुसार ईरानी संसद के प्रमुख Mohammad Bagher Ghalibaf इस बातचीत में शामिल हो सकते हैं।
  • खाड़ी देशों ने भी अमेरिका को ईरानी ऊर्जा ठिकानों पर हमला करने के नतीजों को लेकर सावधान किया है।
Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.