US और Iran के बीच 2 हफ्ते के युद्धविराम का ऐलान, हिजबुल्लाह ने रोकी जंग, भारतीयों के लिए ईरान से निकलने की सलाह.
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरान के बीच दो हफ्ते के युद्धविराम पर सहमति बन गई है। यह समझौता 7 अप्रैल 2026 को हुआ है, जिसके तहत ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को फिर से खोलने के लिए राजी हो गया है। इस बीच लेबनान के हिजबुल्लाह गुट ने भी इस युद्धविराम को स्वीकार कर लिया है और इजरायल पर हमले रोक दिए हैं। भारत ने अपने नागरिकों के लिए ईरान से तुरंत निकलने की एडवाइजरी जारी की है।
युद्धविराम की मुख्य शर्तें और नियम क्या हैं?
इस समझौते के तहत कई महत्वपूर्ण नियम तय किए गए हैं। पाकिस्तान इस पूरी बातचीत में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और 10 अप्रैल को इस्लामाबाद में औपचारिक शांति वार्ता शुरू होगी।
- Strait of Hormuz: ईरान दो हफ्ते के लिए इस समुद्री रास्ते को पूरी तरह से और सुरक्षित रूप से खोलेगा।
- मिलिट्री मैनेजमेंट: जलडमरूमध्य से गुजरने वाले यातायात का प्रबंधन ईरानी सेना द्वारा किया जाएगा।
- शांति योजना: ईरान की 10 सूत्रीय योजना में अमेरिका से प्रतिबंध हटाने और यूरेनियम कार्यक्रम को स्वीकार करने की मांग शामिल है।
- समय सीमा: यह समझौता मंगलवार रात को तय समय सीमा से पहले ही घोषित कर दिया गया।
लेबनान और इजरायल की स्थिति पर क्या असर होगा?
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस युद्धविराम का समर्थन किया है लेकिन उन्होंने साफ कर दिया है कि यह लेबनान में जारी लड़ाई पर लागू नहीं होता है। इसके उलट, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री ने कहा है कि यह युद्धविराम लेबनान सहित सभी जगहों पर प्रभावी होगा।
| देश/संस्था | ताज़ा स्थिति और अपडेट |
|---|---|
| हिजबुल्लाह | सूत्रों के अनुसार बुधवार सुबह से उत्तरी इजरायल और लेबनान में इजरायली सैनिकों पर हमले रोक दिए गए हैं। |
| इजरायल | दक्षिण लेबनान में हमले जारी रखे, टायर इलाके में हुए हमले में 4 लोगों की मौत हुई है। |
| भारतीय दूतावास | ईरान में रह रहे भारतीय नागरिकों को जल्द से जल्द वहां से सुरक्षित बाहर निकलने की सलाह दी गई है। |
| ओमान | ओमान के विदेश मंत्री ने इस फैसले का स्वागत किया है और अगली वार्ता में सहयोग की बात कही है। |
लेबनानी सेना ने दक्षिण लेबनान के लोगों को अभी अपने घरों को न लौटने की चेतावनी दी है। वहां इजरायली हवाई हमले अभी भी जारी हैं, जिसमें कई रिहायशी इमारतों को निशाना बनाया गया है। संयुक्त राष्ट्र ने सभी पक्षों से शांति बनाए रखने की अपील की है।




