अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने की कोशिशें तेज़, 15 सूत्रीय प्रस्ताव पर फंसा पेंच
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने जानकारी दी है कि ईरान के साथ युद्ध खत्म करने के लिए बातचीत का सिलसिला जारी है। हालांकि ईरान ने संदेश भेजे हैं, लेकिन अभी तक किसी अंतिम समझौते पर सहमति नहीं बन पाई है। राष्ट्रपति Donald Trump ने ऊर्जा ठिकानों पर हमलों की रोक को 6 अप्रैल तक बढ़ा दिया है ताकि ईरान बातचीत पर गंभीरता से विचार कर सके। अमेरिका का लक्ष्य है कि बिना ज़मीनी सेना भेजे अगले कुछ हफ्तों में इस सैन्य अभियान को खत्म किया जाए।
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत की मुख्य बातें
ईरान को अमेरिका की तरफ से 15 बिंदुओं वाला एक शांति प्रस्ताव दिया गया है। ईरान इस पर विचार तो कर रहा है लेकिन अभी तक उसका जवाब पूरी तरह सकारात्मक नहीं रहा है। ईरान ने अपनी तरफ से भी 5 शर्तें रखी हैं, जिनमें युद्ध के नुकसान की भरपाई और लेबनान युद्ध को भी समझौते में शामिल करने की मांग कही गई है। Marco Rubio ने स्पष्ट किया है कि वह फ्रांस में G7 देशों के साथ मिलकर अमेरिकी हितों को ध्यान में रखते हुए इस मसले पर काम कर रहे हैं।
इस बातचीत में पाकिस्तान और अन्य देशों की क्या भूमिका है
इस पूरी बातचीत में कई देश मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे हैं और संदेशों का आदान-प्रदान कर रहे हैं।
- Pakistan: पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने पुष्टि की है कि वे वाशिंगटन और तेहरान के बीच संदेश पहुंचाने का मुख्य काम कर रहे हैं।
- Intermediaries: तुर्की और मिस्र भी राजनयिक समाधान निकालने के लिए लगातार अमेरिकी अधिकारियों के संपर्क में हैं।
- GCC Demand: खाड़ी सहयोग परिषद के देशों ने मांग की है कि सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए उन्हें भी इस बातचीत का हिस्सा बनाया जाए।
- Israel: इजरायल ने चेतावनी दी है कि अगर बातचीत से समाधान नहीं निकला तो वह अपने हमलों को और अधिक विस्तार देगा।
अमेरिकी संसद में भी युद्ध को लेकर चिंता जताई गई है और आम जनता के बीच इस संघर्ष को लेकर असंतोष देखा जा रहा है। वर्तमान में अमेरिका ने क्षेत्र में हजारों अतिरिक्त सैनिकों की तैनाती कर रखी है, लेकिन प्रशासन की कोशिश बातचीत के जरिए ही रास्ता निकालने की है।




