अमेरिका और ईरान के बीच चल रहे युद्ध को लेकर पेंटागन ने बड़ा खुलासा किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, इस युद्ध के पहले ही हफ्ते में अमेरिका को 11.3 बिलियन डॉलर का भारी खर्च उठाना पड़ा है. इस युद्ध का असर अब सिर्फ दोनों देशों तक सीमित नहीं है, बल्कि सऊदी अरब, यूएई और पूरे खाड़ी क्षेत्र पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है. हाल ही में दुबई एयरपोर्ट पर भी ड्रोन हमले की खबर आई है, जिससे वहां काम करने वाले प्रवासियों और भारतीयों की चिंताएं बढ़ गई हैं.

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युद्ध में अमेरिका का कितना नुकसान हुआ है?

पेंटागन की तरफ से दी गई जानकारी के अनुसार, युद्ध में अमेरिका का रोजाना का खर्च 1.43 बिलियन से लेकर 2 बिलियन डॉलर के बीच आ रहा है. शुरुआत के सिर्फ दो दिनों में ही 5.6 बिलियन डॉलर के मिसाइल और अन्य हथियार इस्तेमाल किए गए. इसके अलावा अमेरिका को अपने महंगे सैन्य साजो-सामान का भी नुकसान झेलना पड़ा है.

  • फाइटर जेट: 3 F-15 Strike Eagle जेट का नुकसान (करीब 100 मिलियन डॉलर प्रति जेट).
  • ड्रोन: 11 MQ-9 Reaper ड्रोन तबाह हुए (करीब 30 मिलियन डॉलर प्रति ड्रोन).
  • सैनिक: युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक 140 अमेरिकी जवान घायल हुए हैं और 7 की जान गई है.

खाड़ी देशों और प्रवासियों पर इसका क्या असर पड़ रहा है?

इस युद्ध के कारण खाड़ी देशों में रहने वाले लोगों की परेशानियां बढ़ रही हैं. रात के समय होर्मुज जलडमरूमध्य में तीन जहाजों को संदिग्ध ईरानी ड्रोन ने निशाना बनाया. इसके अलावा दुबई एयरपोर्ट पर ड्रोन से हमला किया गया है, जिसमें चार लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है. सऊदी अरामको के सीईओ अमीन नासर ने चेतावनी दी है कि इस तनाव से पूरी दुनिया के एविएशन और ऑटोमोबाइल सेक्टर पर बहुत बुरा असर पड़ने वाला है.

ईरान ने यह भी चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका ने हमले नहीं रोके, तो वह मिडिल ईस्ट में अमेरिका से जुड़े बैंकों को अपना निशाना बनाएगा. इन हालात के कारण यूएई और सऊदी अरब में काम करने वाले भारतीयों और अन्य प्रवासियों को सतर्क रहने की जरूरत है, खासकर हवाई यात्रा और वित्तीय लेन-देन के मामलों में.

स्थिति को संभालने के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं?

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उनका रक्षा विभाग लगातार स्थिति को काबू करने की कोशिश कर रहे हैं. हथियारों की कमी को पूरा करने के लिए अमेरिकी सरकार संसद से अतिरिक्त रक्षा बजट की मांग कर रही है. ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल के खतरों से बचने के लिए अमेरिका दक्षिण कोरिया से अपना THAAD मिसाइल डिफेंस सिस्टम निकालकर मिडिल ईस्ट में लगा रहा है. इस बीच, संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने भी खाड़ी देशों पर हो रहे हमलों को तुरंत रोकने के लिए एक प्रस्ताव पास किया है.

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.