Saudi Arabia News: सऊदी अरब से रवाना हुआ ईरानी जायरीनों का आखिरी जत्था, अरार बॉर्डर पर दिखी खास व्यवस्था
सऊदी अरब में अपनी हज यात्रा पूरी करने के बाद ईरानी जायरीनों का आखिरी समूह 12 मार्च 2026 को अपने देश के लिए रवाना हो गया। यह रवानगी सऊदी अरब के जदीद अरार (Jdeideh Arar) बॉर्डर के जरिए पूरी की गई। सऊदी सरकार के निर्देशों पर इन जायरीनों को मक्का और मदीना से सुरक्षित तरीके से बॉर्डर तक पहुंचाया गया। ईरानी राजदूत ने इस पूरी प्रक्रिया और सऊदी अरब की मेहमाननवाज़ी की सराहना की है।
जायरीनों की रवानगी से जुड़ी खास जानकारी
- आखिरी ग्रुप की रवानगी: आज 12 मार्च को लगभग 9,000 जायरीनों का आखिरी जत्था सऊदी अरब से रवाना हुआ।
- बॉर्डर का रास्ता: क्षेत्रीय हवाई क्षेत्र बंद होने की वजह से जायरीनों को जदीद अरार बॉर्डर के रास्ते इराक भेजा गया, जहां से वे ईरान जाएंगे।
- सऊदी अथॉरिटी की मदद: सऊदी के हज और उमराह मंत्रालय और सीमा सुरक्षा बल ने मिलकर इस काम को पूरा किया।
- स्मार्ट टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल: बॉर्डर पर पासपोर्ट प्रोसेसिंग को तेज़ बनाने के लिए SDAIA की आधुनिक तकनीकों का उपयोग किया गया।
अधिकारियों के बयान और व्यवस्था
सऊदी अरब में ईरान के राजदूत Alireza Enayati ने बताया कि सऊदी सरकार ने जायरीनों का बहुत अच्छा ख्याल रखा। उन्होंने कहा कि जायरीनों को गर्मजोशी के साथ विदा किया गया और उनकी सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा गया। जेद्दा में मौजूद ईरानी महावाणिज्य दूत Hassan Zarnegar ने भी सऊदी अरब के साथ तालमेल और सुव्यवस्थित प्रक्रियाओं की तारीफ की है।
सऊदी अधिकारियों ने साफ किया कि किंग सलमान और क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के निर्देशों पर जायरीनों की वापसी के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। अरार एयरपोर्ट और सड़क मार्ग के जरिए जायरीनों को व्यवस्थित ढंग से बॉर्डर तक पहुंचाया गया। यह ऑपरेशन सऊदी और ईरान के बीच धार्मिक और कूटनीतिक सहयोग का एक महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है।





