अमेरिका और ईरान के बीच जंग तेज, जनरल डैन केन बोले ईरान की सैन्य ताकत को पूरी तरह कर देंगे खत्म
अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष को लेकर एक बड़ा अपडेट सामने आया है। अमेरिकी ज्वाइंट चीफ ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन (General Dan Caine) ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना व्यवस्थित तरीके से ईरान की सैन्य क्षमताओं को नष्ट कर रही है। जनरल के अनुसार ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ (Operation Epic Fury) के तहत ईरान के मिसाइल सिस्टम और ड्रोन नेटवर्क को लगातार निशाना बनाया जा रहा है। रक्षा सचिव पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने भी बयान दिया है कि आने वाले दिन इस युद्ध के लिए बहुत निर्णायक साबित होंगे।
अमेरिकी हमले में ईरान को अब तक कितना हुआ नुकसान?
अमेरिकी सेना के दावों के मुताबिक पिछले कुछ हफ्तों में ईरान के सैन्य और औद्योगिक ठिकानों पर भारी हमले किए गए हैं। जनरल डैन केन ने जानकारी दी है कि युद्ध के शुरुआती दिनों में ही ईरान के 50 से ज्यादा नौसैनिक जहाजों को डुबो दिया गया था। अमेरिकी सेना अब तक ईरान के अंदर करीब 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर बमबारी करने का दावा कर चुकी है।
इन हमलों का मुख्य उद्देश्य ईरान की मारक क्षमता और बैलिस्टिक मिसाइल सिस्टम को जड़ से मिटाना है। इस्फ़हान (Isfahan) में भी अमेरिकी और इजरायली हमलों में कई महत्वपूर्ण सैन्य साइटों को नुकसान पहुंचा है। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का मिसाइल प्रोग्राम अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है और वह अब भी पलटवार करने की क्षमता रखता है।
खाड़ी क्षेत्र की सुरक्षा और प्रवासियों पर पड़ने वाला असर
इस युद्ध का असर अब खाड़ी के अन्य इलाकों और समुद्री रास्तों पर भी दिखने लगा है। हाल ही में दुबई के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ईरानी ड्रोन से हमला होने की खबर आई है जिससे समुद्री व्यापार को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और भारतीयों के लिए यह स्थिति काफी गंभीर है क्योंकि समुद्री रास्तों पर तनाव बढ़ने से सप्लाई चेन और सुरक्षा व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
| मुख्य जानकारी | विवरण |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | Operation Epic Fury |
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| नष्ट किए गए ठिकाने | 11,000 से अधिक |
| ईरानी नौसेना का नुकसान | 50 से अधिक जहाज डूबे |
| मिसाइल भंडार की स्थिति | लगभग एक तिहाई नष्ट (अनुमानित) |
| मुख्य लक्ष्य | मिसाइल, नेवी और परमाणु क्षमता खत्म करना |
अमेरिकी प्रशासन ने साफ कर दिया है कि उनकी सेना की ताकत बढ़ रही है जबकि ईरान की सैन्य शक्ति घटती जा रही है। अमेरिका और इजरायल का साझा लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि ईरान भविष्य में अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल न कर सके और परमाणु हथियार हासिल करने की कोशिशों को रोका जा सके। फिलहाल पूरे क्षेत्र में हाई अलर्ट जारी है।




