अमेरिका को ईरान ने दिया बड़ा झटका, अब तक 16 रीपर ड्रोन मार गिराए, इस हफ्ते भी हुआ भारी नुकसान.
अमेरिका और ईरान के बीच चल रही जंग अब और भी गंभीर होती जा रही है. एक अमेरिकी अधिकारी ने जानकारी दी है कि जब से यह संघर्ष शुरू हुआ है, तब से अब तक ईरान ने अमेरिका के करीब 16 रीपर ड्रोन (MQ-9 Reaper drones) मार गिराए हैं. इस हफ्ते ही दो और ड्रोन गिराए जाने की पुष्टि हुई है, जिससे अमेरिकी सेना को बहुत बड़ा आर्थिक झटका लगा है. अमेरिकी अधिकारियों ने अब यह मानना शुरू कर दिया है कि उनके ड्रोनों के नुकसान का दायरा बढ़ता जा रहा है.
ईरान और अमेरिका के बीच ड्रोन युद्ध में अब तक क्या हुआ?
ईरान और अमेरिका के बीच यह सैन्य संघर्ष 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था. ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने इन ड्रोनों को अपने हवाई क्षेत्र में इंटरसेप्ट करने और नष्ट करने का दावा किया है. हालिया रिपोर्ट के अनुसार, 3 अप्रैल 2026 को एक और अमेरिकी रीपर ड्रोन गिराया गया है, जिससे कुल संख्या 17 तक पहुंच गई है. अमेरिकी राष्ट्रपति और रक्षा विभाग ने पहले कहा था कि ईरान की हवाई सुरक्षा को खत्म कर दिया गया है, लेकिन लगातार हो रहे इन नुकसानों ने उन दावों को गलत साबित कर दिया है.
अमेरिकी सेना को अब तक कितना आर्थिक नुकसान हुआ?
इस युद्ध में अमेरिकी सेना को न केवल तकनीक बल्कि पैसों का भी बड़ा नुकसान उठाना पड़ा है. ड्रोनों और विमानों के नुकसान का विवरण नीचे दिया गया है:
| नुकसान का विवरण | आंकड़े और जानकारी |
|---|---|
| MQ-9 रीपर ड्रोन | कुल 17 ड्रोन (लगभग) |
| आर्थिक नुकसान | करीब 480 मिलियन डॉलर |
| एक ड्रोन की कीमत | 30 मिलियन डॉलर से ज्यादा |
| अन्य विमान | 1 F-15E लड़ाकू विमान और क्षतिग्रस्त हेलीकॉप्टर |
3 अप्रैल को एक अमेरिकी F-15E लड़ाकू विमान को भी ईरान के ऊपर मार गिराया गया था. इस घटना में एक चालक दल के सदस्य को बचा लिया गया है, जबकि दूसरे की तलाश अभी भी जारी है. बचाव अभियान के दौरान एक ए-10 (A-10 Warthog) विमान और एक हेलीकॉप्टर को भी नुकसान पहुंचा है. अमेरिका के लिए इतने कम समय में इतने महंगे ड्रोनों को खोना एक बड़ी चुनौती बन गया है.




