US और इजरायल के हमले के बाद ईरान में स्टील उत्पादन ठप, भड़का ईरान
ईरान में स्टील का उत्पादन रोक दिया गया है. यह फैसला 28 मार्च, 2026 को US और इजरायल द्वारा किए गए हमलों के बाद लिया गया. खुज़ेस्तान स्टील कंपनी और मोबारकेह स्टील फैक्ट्री सहित कई बड़ी फैक्टरियों पर इन हमलों का असर हुआ है. ईरान ने कहा है कि वह इजरायल के इन “अपराधों” का “भारी कीमत” वसूलेगा और जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
हमले कहाँ और कब हुए?
27 मार्च, 2026 को शुक्रवार के दिन अमेरिकी और इजरायली सेना ने ईरान के कई ठिकानों पर हमला किया था. इन हमलों में स्टील उत्पादन से जुड़ी बड़ी फैक्ट्रियां, जैसे खुज़ेस्तान स्टील कंपनी और मोबारकेह स्टील फैक्ट्री, निशाने पर थीं. परमाणु ठिकानों को भी निशाना बनाया गया, जिनमें अराक हैवी वाटर प्रोडक्शन प्लांट और अरदकान येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट शामिल हैं. इस बड़े टकराव की शुरुआत 28 फरवरी, 2026 को हुई थी.
कौन-कौन इसमें शामिल हैं और क्या कहा?
- ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि ईरान इजरायल के “अपराधों” का भारी जवाब देगा. उन्होंने आरोप लगाया कि इजरायल ने US के साथ मिलकर ये हमले किए, जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की तय राजनयिक समय-सीमा के खिलाफ हैं.
- इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने US औद्योगिक कंपनियों और इजरायल के सहयोगी उद्योगों के कर्मचारियों को तुरंत अपनी जगहें खाली करने की चेतावनी दी है. उन्होंने यह भी बताया कि जवाबी कार्रवाई शुरू हो चुकी है.
- इजरायली रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने कहा कि इजरायल ईरान में अपने हमलों को “और तेज़” करेगा और ठिकानों का दायरा बढ़ाएगा.
- US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने उम्मीद जताई कि US कुछ हफ्तों में सैन्य ऑपरेशन खत्म कर देगा. उन्होंने होर्मुज जलडमरूमध्य से शिपिंग को खुला रखने पर जोर दिया.
- अंतर्राष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) ने बताया कि अरदकान येलोकेक प्रोडक्शन प्लांट पर हमलों के बाद भी बाहर के रेडिएशन स्तर में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है. उन्होंने सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील की है.
ताज़ा हालात क्या हैं?
28 मार्च, 2026 को मिली जानकारी के अनुसार, ईरान की खुज़ेस्तान स्टील कंपनी में उत्पादन बंद हो गया है. हमलों में कम से कम एक व्यक्ति की मौत और कई लोग घायल हुए हैं. IRGC ने US कंपनियों और इजरायल के सहयोगी उद्योगों में काम करने वालों को तुरंत अपनी जगहें खाली करने का आदेश दिया है, क्योंकि ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है. इजरायल की सेना ने भी 28 मार्च को ईरान के “शासन ठिकानों” पर हमले किए, जिसमें तेहरान में ज़ोरदार धमाकों की खबर है. इसके अलावा, 27 मार्च को ईरान के मिसाइल हमले में सऊदी अरब के एक US सैन्य अड्डे पर कई अमेरिकी सैनिक घायल हुए और विमानों को नुकसान पहुंचा. यमन के हूती विद्रोहियों ने भी पहली बार इजरायल की ओर मिसाइल दागी, जिससे वे इस संघर्ष में शामिल हो गए हैं. US और इराक ने भी ईरान-समर्थक हमलों को रोकने के लिए “सहयोग बढ़ाने” पर सहमति जताई है.




