अमेरिका और इसराइल का ईरान पर बड़ा हमला, तेहरान में पूजा स्थल को पहुंचा नुकसान, अब ट्रंप ने दी पावर प्लांट उड़ाने की चेतावनी
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है. 7 अप्रैल 2026 की रात को अमेरिका और इसराइल ने ईरान के कई इलाकों में बड़े हवाई हमले किए हैं. इन हमलों में कम से कम 15 लोगों की जान जाने की खबर है और तेहरान के एक पुराने यहूदी पूजा स्थल को भी काफी नुकसान पहुंचा है. इसी बीच राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ा अल्टीमेटम देते हुए कहा है कि अगर होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz को तुरंत नहीं खोला गया, तो वह ईरान के पावर प्लांट को निशाना बनाएंगे.
ईरान में हुए हमले और नुकसान की पूरी जानकारी
रात भर हुए इन हमलों में ईरान के कई अहम ठिकानों को निशाना बनाया गया है. तेहरान में स्थित ऐतिहासिक रफी-निया सिनैगॉग (Rafi-Niya Synagogue) हमले की चपेट में आ गया, जिससे वहां काफी नुकसान हुआ है. हालांकि इमारत खाली होने के कारण वहां कोई घायल नहीं हुआ, लेकिन धार्मिक ग्रंथों को नुकसान पहुंचने की खबर है. इसराइली सेना ने ईरान के रेलवे नेटवर्क और पुलों को भी निशाना बनाया है और नागरिकों को रेलवे ट्रैक से दूर रहने की सलाह दी है. इस तनाव के बीच हुए ताज़ा घटनाक्रमों की जानकारी नीचे दी गई है:
| घटना | स्थान | विवरण |
|---|---|---|
| हवाई हमले | ईरान (विभिन्न शहर) | 15 लोगों की मौत की पुष्टि |
| मिसाइल हमला | सऊदी अरब (अल-जुबैल) | रिफाइनरी पर गिरा मिसाइल |
| ड्रोन हमला | कुवैत (अमेरिकी बेस) | 15 अमेरिकी सैनिक घायल |
| धार्मिक स्थल पर हमला | तेहरान | ऐतिहासिक सिनैगॉग को नुकसान |
ट्रंप का अल्टीमेटम और खाड़ी देशों पर इसका असर
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि उनके पास समय बहुत कम है और अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं तो वह ईरान के ऊर्जा ढांचे को तबाह कर देंगे. उन्होंने साफ कहा है कि वह युद्ध अपराधों की चेतावनियों की परवाह नहीं करते और सबसे पहले ईरान के सबसे बड़े पावर प्लांट को निशाना बनाया जाएगा. इसके जवाब में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड ने धमकी दी है कि अगर हमला हुआ तो वह इस क्षेत्र से अमेरिका और उसके सहयोगियों को तेल और गैस की सप्लाई सालों तक बंद कर देंगे. इस स्थिति ने खाड़ी क्षेत्र में रहने वाले लाखों प्रवासियों, विशेषकर भारतीयों की चिंता बढ़ा दी है क्योंकि सऊदी और कुवैत जैसे देशों में भी अब मिसाइलें गिरना शुरू हो गई हैं.
क्या हो रही है शांति की कोशिश?
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संयुक्त राष्ट्र और फ्रांस ने चेतावनी दी है कि नागरिक बुनियादी ढांचे और बिजली घरों को निशाना बनाना युद्ध अपराध की श्रेणी में आता है. पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की जैसे देश युद्ध को रोकने के लिए अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थता की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है. ईरान ने किसी भी अस्थायी युद्धविराम से इनकार कर दिया है और उसकी मांग है कि पाबंदियां पूरी तरह से हटाई जाएं. फिलहाल दुनिया की नजरें ट्रंप की डेडलाइन पर टिकी हैं, जो आज रात समाप्त हो रही है.




