US-Israel और Iran जंग का 26वां दिन: डोनाल्ड ट्रंप ने दिया 5 दिन का ब्रेक, पेट्रोल-डीज़ल और खाद की कीमतों ने बढ़ाई दुनिया की टेंशन
अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच छिड़ी जंग को 26 दिन हो चुके हैं और इसका असर अब दुनिया भर की अर्थव्यवस्था पर दिखने लगा है। अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने सैन्य कार्रवाई में पांच दिनों के ब्रेक का ऐलान करते हुए कहा है कि ईरान समझौता करना चाहता है। हालांकि, ईरान के सैन्य अधिकारियों ने इन दावों को खारिज करते हुए संघर्ष जारी रखने की बात कही है। इस तनाव की वजह से खाड़ी देशों समेत भारत और अन्य विकासशील देशों में ईंधन और जरूरी सामानों की कीमतें तेजी से बढ़ रही हैं।
जंग के बीच क्या हैं ताज़ा हालात?
- सैन्य कार्रवाई में ब्रेक: राष्ट्रपति Trump ने ईरान के बुनियादी ढांचे पर हमलों को 5 दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया है ताकि बातचीत का रास्ता खुल सके।
- मिसाइल हमले: ईरान की Revolutionary Guards (IRGC) ने Kuwait, Jordan और Bahrain में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर मिसाइलें दागने का दावा किया है।
- कुवैत एयरपोर्ट पर हमला: Kuwait International Airport के एक फ्यूल टैंक पर ड्रोन से हमला हुआ है, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
- राजनयिक कोशिशें: पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif ने सऊदी क्राउन प्रिंस को इस संकट को सुलझाने के लिए चल रही बातचीत की जानकारी दी है।
आम आदमी और ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ने वाला असर
इस युद्ध की वजह से दुनिया के गरीब देशों में ऊर्जा संकट गहरा गया है। Philippines ने नेशनल एनर्जी इमरजेंसी घोषित कर दी है, वहीं Sri Lanka में ईंधन बचाने के लिए स्ट्रीट लाइटें बंद करने और फ्यूल पास जैसे कड़े कदम उठाए गए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर Strait of Hormuz लंबे समय तक बंद रहता है, तो पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छू सकती हैं।
| क्षेत्र | मुख्य असर |
|---|---|
| ईंधन | कच्चे तेल की कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव और सप्लाई में कमी |
| खाद्य सुरक्षा | खाद (Fertilizer) की सप्लाई रुकने से अनाज महंगा होने का डर |
| हवाई यात्रा | कुवैत और आसपास के इलाकों में उड़ानों पर सुरक्षा का खतरा |
| शेयर बाज़ार | एशियाई और वैश्विक बाजारों में निवेशकों का पैसा डूबा |
भारत और प्रवासियों के लिए क्या है स्थिति?
भारत सरकार ने मिडिल ईस्ट के हालातों पर नजर रखने के लिए एक सर्वदलीय बैठक बुलाई है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति काफी संवेदनशील है क्योंकि युद्ध की वजह से कई देशों ने अपनी सुरक्षा और हवाई यातायात के नियमों को सख्त कर दिया है। Lebanon ने ईरान के राजदूत को देश छोड़ने का आदेश दिया है और वहां युद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। तेल की सप्लाई प्रभावित होने से भारत में भी आने वाले दिनों में पेट्रोल की कीमतों पर असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है।




