अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान पर किए गए सैन्य हमले ‘Operation Epic Fury’ के नतीजों पर अब बड़ा अपडेट आया है। US सेंट्रल कमांड के प्रमुख Admiral Brad Cooper ने सीनेट के सामने गवाही देते हुए बताया कि इस युद्ध ने ईरान की सैन्य क्षमताओं को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचाया है। उन्होंने साफ कहा कि अब ईरान पहले की तरह बड़े पैमाने पर ड्रोन या मिसाइल हमले करने की स्थिति में नहीं है।

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ईरान की सैन्य ताकत और परमाणु कार्यक्रम का क्या हाल है?

Admiral Brad Cooper ने बताया कि Operation Epic Fury ने अपने सभी सैन्य लक्ष्यों को 40 दिनों से कम समय में पूरा कर लिया। इस हमले से ईरान के डिफेंस उद्योग को 90% तक नुकसान पहुँचा है और उसकी ताकत बहुत कम हो गई है। कूपर के मुताबिक, ईरान को अपनी मिसाइल और ड्रोन फोर्स को दोबारा खड़ा करने में अब कई साल लगेंगे।

  • परमाणु कार्यक्रम: युद्ध से पहले ईरान ने यूरेनियम को 60% तक समृद्ध कर लिया था, लेकिन इस संघर्ष के बाद परमाणु हथियार बनाने की समय सीमा आगे बढ़ गई है।
  • क्षेत्रीय समर्थन: अब ईरान अपने सहयोगियों जैसे Hamas, Hezbollah और Houthis को हथियार और मदद पहुँचाने के काबिल नहीं रहा है।
  • बची हुई ताकत: हालांकि, कूपर ने माना कि ईरान की Revolutionary Guard (IRGC) अभी भी एक बड़ी ताकत है और ईरान के पास छोटे स्तर पर हमले करने की क्षमता बची हुई है।

Strait of Hormuz और समुद्री रास्तों पर क्या स्थिति है?

समुद्री व्यापार के लिए अहम Strait of Hormuz को लेकर भी अहम बातें सामने आईं। Admiral Cooper ने कहा कि ईरान की इस रास्ते को रोकने की क्षमता बहुत कम हो गई है, लेकिन फिर भी जहाजों और बीमा कंपनियों पर इसका असर दिख रहा है। अमेरिका ने कहा है कि उसके पास इस रास्ते को हमेशा के लिए खोलने की सैन्य क्षमता है, लेकिन अभी शांति वार्ता चल रही है इसलिए फैसला नीति निर्माताओं पर छोड़ दिया गया है।

इस बीच 15 मई 2026 को UAE के तट पर एक जहाज को कुछ अज्ञात लोगों ने पकड़ लिया और उसे ईरान की तरफ ले जाया गया, जिससे तनाव फिर बढ़ गया है। दूसरी तरफ, राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने सहमति जताई है कि ऊर्जा की सप्लाई के लिए Strait of Hormuz को खुला रखना जरूरी है।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और अन्य बड़े अपडेट

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने अमेरिका और इसराइल पर विस्तारवाद और युद्ध भड़काने का आरोप लगाया है। वहीं, इसराइल और लेबनान के बीच युद्धविराम को लेकर बातचीत सकारात्मक रही है। अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि ईरान के मामले में अमेरिका को चीन की मदद की जरूरत नहीं है, लेकिन Strait of Hormuz पर दोनों देशों की सोच एक जैसी है।

इस पूरे घटनाक्रम के बीच आर्थिक मोर्चे पर 14 मई को अमेरिकी शेयर बाजार में उछाल देखा गया और Dow Jones Industrial Average पहली बार 50,000 के पार पहुँच गया। वहीं, CENTCOM ने संकेत दिए हैं कि 31 मई तक अमेरिका और ईरान के बीच किसी परमाणु समझौते की संभावना कम है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Operation Epic Fury क्या था और इसका क्या असर हुआ?

यह अमेरिका और इसराइल द्वारा ईरान के खिलाफ चलाया गया सैन्य अभियान था जो 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इससे ईरान के डिफेंस उद्योग को 90% नुकसान हुआ और उसकी मिसाइल हमला करने की क्षमता काफी कम हो गई।

क्या ईरान अब भी हमले कर सकता है?

Admiral Brad Cooper के अनुसार, ईरान अब बड़े पैमाने पर हमले नहीं कर सकता, लेकिन उसकी Revolutionary Guard (IRGC) अभी भी सक्रिय है और वह सीमित स्तर पर हमले करने की क्षमता रखता है।