ईरान के ब्लैक माउंटेन पर अमेरिका और इसराइल का हमला, 3 की मौत, दुबई में भी ड्रोन गिरने से हड़कंप.
ईरान और इसराइल के बीच चल रहा संघर्ष अब और भी गंभीर हो गया है। अमेरिका और इसराइल ने मिलकर ईरान के कोहगिलुयेह प्रांत के ब्लैक माउंटेन इलाके में एयर स्ट्राइक की है। इस हमले में 3 लोगों की जान चली गई है और 2 लोग घायल बताए जा रहे हैं। स्थानीय प्रशासन के मुताबिक यह आंकड़ा आने वाले समय में और बढ़ सकता है क्योंकि बचाव कार्य अभी भी जारी है। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में युद्ध जैसी स्थिति पैदा कर दी है।
📰: ईरान ने फिर दागा मिसाइल, इसराइल ने किया इंटरसेप्ट, UAE और बहरीन में भी गिरा मलबा.।
ईरान और अमेरिका के बीच कहाँ-कहाँ हुआ टकराव?
पिछले 24 घंटों में हालात बहुत तेज़ी से बिगड़े हैं। ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) का दावा है कि उसने अमेरिका के एक F-15E स्ट्राइक ईगल और एक A-10 विमान को मार गिराया है। ईरानी गवर्नर यादुल्लाह रहमानी ने स्थानीय लोगों से अपील की है कि वे दुश्मन के पायलटों को पकड़ने में प्रशासन की मदद करें। इस बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के सैन्य नेताओं पर बड़े हमले की बात कही है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर 48 घंटे का अल्टीमेटम भी दे दिया है।
खाड़ी देशों और अन्य ठिकानों पर क्या हुआ असर?
यह हमला सिर्फ ईरान तक सीमित नहीं रहा बल्कि इसका असर दुबई और कुवैत में भी देखा गया है। दुबई में स्थित Oracle कंपनी के हेडक्वार्टर पर ड्रोन गिरने से नुकसान की जानकारी मिली है। ईरान ने कुवैत और UAE में अमेरिकी ठिकानों और रडार सिस्टम को निशाना बनाने के लिए Arash 2 ड्रोन भेजे हैं। यमन के हूती विद्रोहियों ने भी इसराइल के बेन गुरियन एयरपोर्ट पर मिसाइल दागने का दावा किया है।
| स्थान/संस्थान | घटना का विवरण |
|---|---|
| ब्लैक माउंटेन, ईरान | अमेरिका-इसराइल एयर स्ट्राइक में 3 की मौत |
| बुशहर परमाणु प्लांट | हमले में सुरक्षा गार्ड की मौत, रूस ने कर्मचारी बुलाए |
| दुबई, UAE | ओरेकल मुख्यालय पर ड्रोन हमला |
| कुवैत | ईरानी ड्रोनों द्वारा रडार सिस्टम पर हमला |
| महशहर क्षेत्र | ईरानी तेल उद्योग केंद्र पर एयर स्ट्राइक |
रूस ने बुशहर परमाणु प्लांट पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की है और वहां काम कर रहे अपने 198 कर्मचारियों को बाहर निकालने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने चेतावनी दी है कि परमाणु केंद्रों पर हमलों से पूरे क्षेत्र में रेडियोधर्मी प्रदूषण फैलने का खतरा है। इस बीच इसराइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि वे ईरान के पेट्रोकेमिकल ठिकानों पर हमले जारी रखेंगे क्योंकि ये ईरान की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।




