Middle East में अमेरिकी सेना की बड़ी तैनाती, USS Tripoli के साथ पहुंचे 2500 मरीन सैनिक
अमेरिकी सेना के 2500 मरीन सैनिक खाड़ी क्षेत्र (Middle East) में पहुंच गए हैं। ये सैनिक USS Tripoli (LHA-7) एम्फीबियस रेडी ग्रुप के साथ आए हैं। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने 27 मार्च 2026 को इनके पहुंचने की आधिकारिक पुष्टि की है। इस सैन्य दल के साथ भारी मात्रा में सैन्य उपकरण और आधुनिक लड़ाकू विमान भी क्षेत्र में पहुंचे हैं। यह तैनाती ऐसे समय में हुई है जब क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
तैनात किए गए सैन्य बल और उनकी क्षमताएं
इस सैन्य दल में मुख्य जहाज USS Tripoli है, जो एक बड़े युद्धपोत के रूप में काम करता है। इसके साथ 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) जुड़ी हुई है। इस पूरे ग्रुप की ताकत को नीचे दिए गए बिंदुओं से समझा जा सकता है:
- कुल सैन्य शक्ति: इस ग्रुप में लगभग 3,500 नाविक और मरीन सैनिक शामिल हैं।
- मरीन सैनिक: 31वीं MEU के करीब 2,200 विशेष मरीन सैनिक इस मिशन का हिस्सा हैं।
- हवाई ताकत: सैनिकों के साथ F-35B जैसे आधुनिक स्ट्राइक फाइटर जेट भी मौजूद हैं।
- तकनीकी मदद: बेड़े में एम्फीबियस असॉल्ट वाहन और संकट प्रबंधन के लिए जरूरी आधुनिक हथियार शामिल हैं।
- विशेषज्ञता: यह यूनिट समुद्र और जमीन दोनों जगह तुरंत ऑपरेशन करने में सक्षम है।
अमेरिकी अधिकारियों और पेंटागन का क्या है कहना?
अमेरिकी रक्षा विभाग यानी पेंटागन ने शुरुआत में इसे एक नियमित ट्रेनिंग का हिस्सा बताया था। हालांकि, रक्षा सचिव Pete Hegseth ने साफ किया कि CENTCOM ने इन अतिरिक्त सैनिकों की मांग की थी ताकि क्षेत्र में सैन्य विकल्पों को बढ़ाया जा सके। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio के अनुसार, अमेरिका का मकसद किसी भी स्थिति के लिए खुद को तैयार रखना है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति के पास आपात स्थितियों से निपटने के लिए पर्याप्त विकल्प होने चाहिए। सेवानिवृत्त लेफ्टिनेंट जनरल Sam Mundy के मुताबिक, एक MEU यूनिट अपने आप में पूरी मरीन कोर की ताकत रखती है और किसी भी बड़े संकट में तेजी से काम कर सकती है।




