इस्लामाबाद और रावलपिंडी में अचानक हलचल बढ़ गई है। अमेरिका के कई C-17 सैन्य विमान नूर खान एयरबेस पर उतरे हैं, जिनमें भारी उपकरण और सुरक्षा बल आए हैं। इस दौरे के कारण शहर की सड़कों को बंद कर दिया गया है और पूरे इलाके में हाई अलर्ट जारी है। दुनिया की नज़र अब इस बात पर है कि अमेरिका और ईरान के बीच क्या बातचीत होगी।
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इस्लामाबाद में सुरक्षा के क्या इंतज़ाम किए गए हैं?
अमेरिका के बड़े अधिकारियों के आने से पहले इस्लामाबाद पुलिस ने रेड ज़ोन और एक्सटेंडेड रेड ज़ोन को पूरी तरह बंद कर दिया है। शहर की सड़कों को सील कर दिया गया है और पब्लिक ट्रांसपोर्ट की सेवाओं को अनिश्चित काल के लिए रोक दिया गया है। सरकार ने सुरक्षा के लिए Serena Hotel जैसे बड़े होटलों को अपने कब्ज़े में ले लिया है। पाकिस्तान के Interior Minister मोहसिन नकवी ने अमेरिकी अधिकारियों को पूरी सुरक्षा देने का भरोसा दिलाया है।
इस दौरे में कौन शामिल है और मकसद क्या है?
इस दौरे में अमेरिका के उपराष्ट्रपति JD Vance, Middle East Envoy स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर शामिल हैं। 19 अप्रैल से 21 अप्रैल के बीच नूर खान एयरबेस पर कई C-17 ग्लोबमास्टर विमान उतरे, जिनमें बख्तरबंद गाड़ियाँ और संचार उपकरण लाए गए हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बताया कि उनकी एक टीम बातचीत के लिए इस्लामाबाद जा रही है। पाकिस्तान यहाँ अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है।
क्या ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत होगी?
बातचीत की उम्मीदों के बीच तनाव भी बढ़ा है क्योंकि 19 अप्रैल को अमेरिका ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में एक ईरानी जहाज़ को ज़ब्त कर लिया था। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागची ने कहा है कि फिलहाल अमेरिका के साथ बातचीत की कोई योजना नहीं है। ईरान का मानना है कि अमेरिका इस डिप्लोमेटिक प्रक्रिया को लेकर गंभीर नहीं है। अब यह देखना होगा कि इस तनाव के बीच शांति समझौता हो पाता है या नहीं।