US Military News: मिडल ईस्ट पहुंच रहे 2200 अमेरिकी सैनिक, 3 बड़े युद्धपोतों के साथ अगले हफ्ते होगी एंट्री
पेंटागन ने घोषणा की है कि अगले हफ्ते तीन नौसेना जहाज और 2,200 सैनिक मिडल ईस्ट पहुंचेंगे। यह तैनाती क्षेत्र में चल रहे तनाव के बीच हो रही है। सऊदी न्यूज़ 50 की रिपोर्ट के अनुसार, इन जहाजों पर मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के जवान तैनात हैं जो जल्द ही अपनी पोजीशन संभाल लेंगे। यह फैसला अमेरिका की क्षेत्रीय सुरक्षा रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।
तैनात होने वाले सैन्य बल और जहाजों की क्या है तैयारी?
अमेरिकी रक्षा विभाग (Pentagon) के अनुसार, यह तैनाती 31वीं मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट (MEU) का हिस्सा है। इसमें लगभग 2,200 जवान शामिल हैं जो तीन एम्फीबियस युद्धपोतों पर सवार होकर आ रहे हैं। इनमें USS Tripoli जैसे बड़े जहाज भी शामिल हैं। इन जहाजों को सेंट्रल कमांड (CENTCOM) की मांग पर भेजा जा रहा है ताकि क्षेत्र में सैन्य उपस्थिति को मजबूत किया जा सके। यह दल अगले हफ्ते तक अपने तय स्थान पर पहुंच जाएगा।
राष्ट्रपति ट्रंप और पेंटागन का इस मिशन पर क्या कहना है?
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि यह पहले से तय तैनाती का हिस्सा है और वर्तमान में और अतिरिक्त सेना भेजने की कोई योजना नहीं है। दूसरी ओर, रक्षा सचिव पीट हेगसेथ ने संकेत दिया है कि सैन्य कार्रवाई के लिए विभाग ने अतिरिक्त 200 बिलियन डॉलर के फंड की मांग की है। इस बीच, क्षेत्र में तैनात विमानवाहक पोत USS Gerald R. Ford में आग लगने के बाद उसे मरम्मत के लिए भेजा गया है और उसकी जगह USS George H.W. Bush कमान संभालेगा।
- तीन नौसेना जहाजों का काफिला अगले सप्ताह मिडल ईस्ट पहुंचेगा।
- कुल 2,200 मरीन सैनिक इस मिशन का हिस्सा हैं।
- USS Tripoli एम्फीबियस युद्धपोत भी इस तैनाती में शामिल है।
- अमेरिकी रक्षा विभाग ने $200 बिलियन के अतिरिक्त युद्ध बजट की मांग की है।
- राष्ट्रपति के अनुसार यह पहले से स्वीकृत सैनिकों की मूवमेंट है।




