US President Trump का ईरान पर बड़ा एक्शन, बंद हुए सारे पोर्ट, अब नहीं बिकेगा तेल
अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के खिलाफ एक बहुत बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने साफ कर दिया है कि अब ईरान को अपना तेल बेचने की इजाजत नहीं मिलेगी। US मिलिट्री ने ईरान के सभी बंदरगाहों (पोर्ट्स) की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है। यह बड़ा फैसला पाकिस्तान में हुई शांति बातचीत के फेल होने के बाद लिया गया है।
ईरान के पोर्ट्स की नाकाबंदी कब से शुरू हुई?
US मिलिट्री के Central Command (CENTCOM) ने जानकारी दी है कि यह नाकाबंदी सोमवार सुबह 10 बजे (EDT) से शुरू हो गई है। ईरान के समय के मुताबिक यह शाम 5:30 बजे से लागू हुआ। यह नियम सभी देशों के जहाजों पर बराबर लागू होगा, चाहे वे ईरान के पोर्ट में आ रहे हों या वहां से बाहर जा रहे हों। राष्ट्रपति Trump ने कहा कि ईरान अब बहुत बुरी हालत में है और वह किसी भी कीमत पर परमाणु हथियार नहीं बना पाएगा।
इस बड़े फैसले के पीछे क्या वजह है?
पिछले कुछ दिनों से अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध खत्म करने के लिए पाकिस्तान में बातचीत चल रही थी। इस शांति मिशन की कमान उपराष्ट्रपति JD Vance के हाथों में थी, लेकिन दोनों देशों के बीच कोई समझौता नहीं हो पाया। इससे पहले 7 और 8 अप्रैल को एक छोटा ब्रेक लिया गया था, लेकिन जब बात नहीं बनी तो अमेरिका ने सीधे नाकाबंदी का रास्ता चुना।
ईरान की प्रतिक्रिया और तेल का क्या होगा?
इस कार्रवाई के बाद ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा है कि अगर कोई भी मिलिट्री जहाज Strait of Hormuz के पास आया, तो इसे युद्ध का उल्लंघन माना जाएगा और उसके साथ सख्ती से निपटा जाएगा।
- तेल का स्टॉक: रिपोर्ट के मुताबिक ईरान ने करीब 21 मिलियन बैरल तेल फ्लोटिंग स्टोरेज में जमा कर रखा है।
- पुराना नियम: US ट्रेजरी डिपार्टमेंट ने मार्च में कुछ समय के लिए तेल बेचने की छूट दी थी ताकि दुनिया में तेल की कमी न हो।
- मौजूदा स्थिति: अब सभी छूट खत्म कर दी गई हैं और बंदरगाहों को पूरी तरह सील कर दिया गया है।




