अमेरिका अब चीन को घेरने के लिए एक नई रणनीति अपना रहा है। चीन अपनी जरूरत का काफी तेल ईरान से मंगवाता है और अमेरिका इसी बात का फायदा उठाकर बीजिंग पर दबाव बनाना चाहता है। Al Jazeera की रिपोर्ट के मुताबिक, अगर ईरान से तेल की सप्लाई रुकती है, तो चीन की अर्थव्यवस्था को बड़ा झटका लग सकता है।

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अमेरिका आखिर चीन को क्यों निशाना बना रहा है?

रिपोर्ट के अनुसार चीन अपनी घरेलू तेल उत्पादन का लगभग एक तिहाई हिस्सा ईरान से लेता है। अमेरिका का मकसद इसी सप्लाई चेन को तोड़ना है ताकि चीन पर दबाव बढ़ाया जा सके। अप्रैल 2026 में वाशिंगटन में अमेरिका और ईरान के बीच हुई बातचीत विफल रही, जिसके बाद अमेरिका ने चीन के खिलाफ यह सख्त कदम उठाने का फैसला किया है।

तेल के कारोबार पर क्या पाबंदियां लगाई गई हैं?

अमेरिकी सरकार ने साफ कर दिया है कि वह ईरान के प्रतिबंधित कच्चे तेल की खरीद-बिक्री करने वालों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई करेगी। Acting Deputy Attorney General Todd Blanche ने कहा कि डिपार्टमेंट ऑफ जस्टिस इस मामले में सख्ती से काम करेगा। चीन की छोटी ‘teapot’ रिफाइनरीज अक्सर सस्ते और प्रतिबंधित तेल का इस्तेमाल करती हैं, जिन पर अब अमेरिका की कड़ी नजर है।

इस विवाद के अन्य बड़े असर क्या होंगे?

इस तनाव के बीच Strait of Hormuz में ईरान के ब्लॉकेड से ग्लोबल मार्केट में हलचल मची हुई है। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में यह दावा भी किया गया है कि चीन ईरान को MANPADS जैसे डिफेंस सिस्टम दे सकता है। इस वजह से अमेरिका अब चीन की कंपनियों पर नए टैरिफ या कड़े प्रतिबंध लगाने पर विचार कर रहा है।