अमेरिका की संसद यानी Senate में ईरान के साथ चल रहे युद्ध को लेकर काफी गहमागहमी है. अब वहां के कुछ Senator राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के इस युद्ध को रोकने के लिए रिपब्लिकन पार्टी के नेताओं से समर्थन मांग रहे हैं. इस पूरे मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक मोड़ ले लिया है और सैनिकों की वापसी की मांग तेज हो गई है.

🚨: Bahrain Hajj 2026: बहरीन से हज यात्रियों के लिए बड़ी खबर, सऊदी ने जारी किए नए नियम, बिना परमिट एंट्री बंद

ईरान युद्ध का खर्चा और अब तक की स्थिति

अमेरिका और इसराइल ने 28 फरवरी 2026 को ईरान पर हमले शुरू किए थे, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम (ceasefire) हुआ था. डिफेंस सेक्रेटरी Pete Hegseth ने हाल ही में कांग्रेस की सुनवाई के दौरान बताया कि इस युद्ध में अब तक लगभग 29 अरब डॉलर का खर्च आ चुका है. इस भारी खर्च के कारण अमेरिकी सेना के हथियारों के स्टॉक पर भी बुरा असर पड़ा है. वहीं राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि शांति समझौता अब बहुत कमजोर स्थिति में है.

Senate में वोटिंग और War Powers Resolution का विवाद

Senate Minority Leader Chuck Schumer ने आरोप लगाया कि ट्रंप सरकार ने बिना संसद की मंजूरी के 60 दिनों से ज्यादा समय तक युद्ध चलाया, जो कि 1973 के ‘War Powers Act’ कानून के खिलाफ है. Democrats इस हफ्ते फिर से एक वोट कराना चाहते हैं ताकि सैनिकों को वापस बुलाया जा सके. हालांकि, ज्यादातर रिपब्लिकन नेता इसका विरोध कर रहे हैं, लेकिन Susan Collins और Lisa Murkowski जैसे कुछ नेताओं ने युद्ध की रणनीति पर सवाल उठाए हैं.

बातचीत की कोशिश और पाकिस्तान की भूमिका

ईरान के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी है कि वे युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के प्रस्ताव की जांच कर रहे हैं. इस पूरी बातचीत में पाकिस्तान एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है और जवाब वहीं के जरिए भेजा जाएगा. दूसरी तरफ, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप चीन की यात्रा पर गए हैं, जहां वे राष्ट्रपति शी जिनपिंग के साथ व्यापार से जुड़े मुद्दों पर चर्चा करेंगे.

Frequently Asked Questions (FAQs)

अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव कब शुरू हुआ था?

यह टकराव 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था जब अमेरिका और इसराइल ने ईरान पर हमले किए थे, जिसके बाद 8 अप्रैल 2026 को युद्ध विराम हुआ था.

War Powers Resolution क्या है और इस पर विवाद क्यों है?

यह 1973 का एक कानून है जिसके तहत राष्ट्रपति को सैन्य कार्रवाई के लिए 60 दिनों के बाद संसद की मंजूरी लेनी पड़ती है. Democrats का कहना है कि ट्रंप प्रशासन ने इस समय सीमा का उल्लंघन किया है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com