Iran School Attack: ईरान के स्कूल पर गिरी अमेरिकी Tomahawk मिसाइल, 175 बच्चों की मौत पर UN ने जांच की मांग की
ईरान के मिनाब शहर में स्थित एक लड़कियों के स्कूल पर हुए हमले को लेकर नया खुलासा हुआ है। एक नई वीडियो और अल जजीरा की जांच के अनुसार, इस स्कूल पर अमेरिका की Tomahawk क्रूज मिसाइल गिरी थी। इस दर्दनाक घटना में 175 लोगों की जान चली गई, जिनमें से ज्यादातर 7 से 12 साल की बच्चियां थीं। पहले अमेरिकी अधिकारियों ने इस हमले के लिए ईरान को ही जिम्मेदार ठहराया था और इसे ईरान का एक फेल मिसाइल टेस्ट बताया था। अब नई फुटेज सामने आने के बाद जांच की दिशा बदल गई है और अमेरिकी दावों पर सवाल उठ रहे हैं।
जांच रिपोर्ट और अमेरिकी नेताओं का बयान
अल जजीरा और ओपन-सोर्स जांच संस्था Bellingcat ने अपनी रिपोर्ट में बताया है कि यह हमला 28 फरवरी 2026 को हुआ था। मिसाइल स्कूल के ठीक बगल में स्थित IRGC के एक नेवल बेस पर गिरी थी। मिसाइल के भारी धमाके के कारण स्कूल की इमारत ढह गई, जिससे इतनी बड़ी संख्या में मासूम बच्चियों की मौत हुई। इस घटना में कम से कम 95 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए हैं।
इस नए खुलासे के बाद अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने कहा है कि अमेरिका कभी भी आम नागरिकों को निशाना नहीं बनाता है और पेंटागन इस घटना की जांच कर रहा है। वहीं, अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी बयान दिया कि अमेरिका जानबूझकर किसी स्कूल पर हमला नहीं करेगा और फिलहाल फ्लाइट डेटा की समीक्षा की जा रही है।
UN ने हमले को बताया संभावित युद्ध अपराध
संयुक्त राष्ट्र (UN) के 7 मानवाधिकार विशेषज्ञों ने 6 मार्च 2026 को एक आधिकारिक बयान जारी किया है। उन्होंने इस हमले को संभावित युद्ध अपराध की श्रेणी में रखा है और इसकी एक स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग की है। यूनेस्को और कई मानवाधिकार संगठनों ने भी शिक्षा केंद्रों पर हुए इस हमले को अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का गंभीर उल्लंघन माना है।
यह हमला अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरानी ठिकानों पर किए जा रहे सैन्य अभियान का हिस्सा था। 3 मार्च 2026 को मिनाब में मारे गए लोगों का सामूहिक अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें हजारों लोग शामिल हुए। इस घटना के बाद से पूरे ईरान में भारी रोष देखा जा रहा है।





