US Visa Fraud: अमेरिका में 10 भारतीयों पर लगा फर्जी लूटपाट का आरोप, वीज़ा पाने के लिए रची साजिश, अब जाना होगा जेल
अमेरिका के बोस्टन में 10 भारतीय नागरिकों पर वीज़ा धोखाधड़ी का गंभीर आरोप लगा है. इन लोगों ने सुविधा स्टोरों में नकली लूटपाट की साजिश रची ताकि स्टोर क्लर्क खुद को पीड़ित बताकर गलत तरीके से U वीज़ा ले सकें. अमेरिकी अधिकारियों ने इस बड़े गिरोह का पर्दाफाश कर दिया है.
कैसे काम करती थी यह फर्जी वीज़ा स्कीम?
यह पूरा खेल मार्च 2023 से शुरू होकर फरवरी 2026 तक चला. आरोपियों ने स्टोरों में नकली डकैती की घटनाओं को अंजाम दिया. ऐसा इसलिए किया गया ताकि स्टोर चलाने वाले लोग सरकार को बता सकें कि उनके साथ अपराध हुआ है. U वीज़ा उन लोगों को मिलता है जो अपराध का शिकार हुए हों और कानून की मदद करें, जिसका गलत फायदा इन लोगों ने उठाया.
आरोपियों की पूरी लिस्ट और उनकी स्थिति
| नाम | उम्र | जगह और स्थिति |
|---|---|---|
| Jitendrakumar Patel | 39 | Marshfield, Massachusetts (अवैध निवासी) |
| Maheshkumar Patel | 36 | Randolph, Massachusetts (अवैध निवासी) |
| Sanjaykumar Patel | 45 | Quincy, Massachusetts (अवैध निवासी) |
| Dipikaben Patel | 40 | Weymouth, Massachusetts (भारत डिपोर्ट) |
| Rameshbhai Patel | 52 | Eubank, Kentucky (अवैध निवासी) |
| Amitabahen Patel | 43 | Plainville, Massachusetts (अवैध निवासी) |
| Ronakkumar Patel | 28 | Maryland Heights, Mississippi (अवैध निवासी) |
| Sangitaben Patel | 36 | Randolph, Massachusetts (अवैध निवासी) |
| Minkesh Patel | 42 | Perrysburg, Ohio (अवैध निवासी) |
| Sonal Patel | 42 | Perrysburg, Ohio (अवैध निवासी) |
सजा और कानूनी कार्रवाई का क्या है नियम?
वीज़ा फ्रॉड के इस मामले में पकड़े गए लोगों को अधिकतम 5 साल की जेल और 2.5 लाख डॉलर का जुर्माना भरना पड़ सकता है. इस स्कीम के मास्टरमाइंड रामभाई पटेल और ड्राइवर बलविंदर सिंह को मई 2025 में ही सजा सुनाई जा चुकी है. फिलहाल दो आरोपियों, रमेशभाई पटेल और रोनकुमार पटेल को इमिग्रेशन कस्टडी में ले लिया गया है और सभी को सजा पूरी होने के बाद भारत डिपोर्ट किया जाएगा.




