West Asia Tension: 10 लाख से ज्यादा भारतीय लौटे भारत, सरकार ने सुरक्षा और ईंधन सप्लाई पर दिया अपडेट

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारत सरकार ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। 28 फरवरी से अब तक करीब 10.10 लाख भारतीय नागरिक सुरक्षित तरीके से अपने वतन लौट चुके हैं। सरकार उन सभी भारतीयों की सुरक्षा और सुविधा का पूरा ख्याल रख रही है जो वहां फंसे हुए थे या वापस आना चाहते थे।

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कितने लोग लौटे और फ्लाइट्स का क्या हाल है?

विदेश मंत्रालय (MEA) और पेट्रोलियम मंत्रालय के मुताबिक, 28 फरवरी के बाद से अब तक 10.10 लाख लोग भारत आ चुके हैं। यूएई और भारत के बीच लगभग 100 फ्लाइट्स का संचालन हो रहा है। हालांकि, कुवैत और इसराइल के हवाई क्षेत्र (Airspace) बंद होने की वजह से जहाजों को जॉर्डन, मिस्र और सऊदी अरब के रास्तों से भेजा जा रहा है। इसराइल का हवाई क्षेत्र अभी आधा खुला है, जहां से लोगों को जॉर्डन और मिस्र के जरिए निकाला जा रहा है।

तारीख लौटने वाले यात्रियों की संख्या
19 मार्च 2.6 लाख
25 मार्च 4.26 लाख
2 अप्रैल 6 लाख
9 अप्रैल 8.15 लाख
15 अप्रैल 9.84 लाख
16 अप्रैल 10.10 लाख

ईंधन की सप्लाई और नाविकों की वापसी पर क्या अपडेट है?

पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल का पर्याप्त स्टॉक है, इसलिए किसी भी तरह की अफवाह पर भरोसा न करें। रसोई गैस (LPG), PNG और CNG की सप्लाई बिना किसी रुकावट के जारी रहेगी। अस्पतालों और स्कूलों जैसे जरूरी सेक्टरों के लिए कमर्शियल LPG को प्राथमिकता दी जा रही है। वहीं, DG Shipping ने अब तक 2,417 भारतीय नाविकों को सुरक्षित वापस लाने में मदद की है, जिनमें से 80 लोग पिछले 24 घंटों में लौटे हैं।

ईरान में फंसे भारतीयों के लिए क्या इंतजाम हुए?

तेहरान में भारतीय दूतावास ने ईरान में फंसे 2,348 भारतीयों को आर्मेनिया और अजरबैजान के रास्ते भारत भेजने की व्यवस्था की है। इनमें 1,031 छात्र और 657 मछुआरे शामिल हैं। भारतीय दूतावास और मिशन चौबीसों घंटे हेल्पलाइन चला रहे हैं ताकि किसी भी प्रवासी को परेशानी न हो। बंदरगाहों पर भी काम सामान्य रूप से चल रहा है और किसी तरह की भीड़ या रुकावट नहीं देखी गई है।