White House का बड़ा दावा, ईरान के 150 से ज़्यादा जहाज़ तबाह और 70% डिफेंस सिस्टम खत्म
अमेरिका और इजरायल की ओर से ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे सैन्य ऑपरेशन ‘Operation Epic Fury’ को लेकर व्हाइट हाउस ने बड़ी जानकारी साझा की है। अमेरिकी प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई में ईरान की नौसेना और उसके रक्षा ढांचे को भारी नुकसान पहुंचा है। अधिकारियों के अनुसार, ईरान के 150 से अधिक सैन्य जहाजों को नष्ट कर दिया गया है और अब वहां की सरकार बातचीत के रास्ते तलाश रही है। इस स्थिति के बीच पाकिस्तान के जरिए दोनों देशों में बातचीत शुरू होने की खबरें भी सामने आ रही हैं।
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ईरान को अब तक सैन्य कार्रवाई में कितना नुकसान हुआ है?
- व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव Karoline Leavitt ने बताया कि ईरान के 92% बड़े जहाजों सहित कुल 154 जहाज तबाह हो चुके हैं।
- पेंटागन के अनुसार, ईरान की मिसाइल और ड्रोन बनाने वाली 70% फैक्ट्रियां और शिपयार्ड पूरी तरह बर्बाद हो गए हैं।
- इजरायली अधिकारियों ने दावा किया है कि ईरान की मिसाइल दागने की 70% क्षमता को खत्म कर दिया गया है।
- युद्ध की शुरुआत के बाद से ईरान की तरफ से होने वाले ड्रोन और मिसाइल हमलों में 90% की कमी आई है।
- अमेरिकी सेना अब तक ईरान के 11,000 से ज्यादा ठिकानों पर हमला कर चुकी है।
अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत की क्या स्थिति है?
President Trump ने कहा है कि ईरान अब हार चुका है और वह इस स्थिति से बाहर निकलने के लिए बातचीत करना चाहता है। अमेरिका को उम्मीद है कि जल्द ही एक नया शांति समझौता हो सकता है। फिलहाल पाकिस्तान इस मामले में मध्यस्थता कर रहा है और आने वाले दिनों में वह बातचीत की मेजबानी कर सकता है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय ने सार्वजनिक रूप से इन प्रस्तावों को पूरी तरह सही नहीं माना है, लेकिन उन्होंने संदेश मिलने की बात स्वीकार की है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भी संकेत दिए हैं कि कुछ मामलों में ठोस प्रगति हुई है।
ऑपरेशन से जुड़ी मुख्य जानकारी और आंकड़े
| विवरण | ताज़ा अपडेट |
|---|---|
| ऑपरेशन का नाम | Operation Epic Fury |
| शुरुआत की तारीख | 28 फरवरी 2026 |
| नष्ट किए गए जहाज़ | 150 से अधिक |
| मध्यस्थ देश | पाकिस्तान, मिस्र और तुर्की |
| मिसाइल लॉन्चरों का नुकसान | 335 से अधिक लॉन्चर बेकार हुए |
व्हाइट हाउस ने यह भी साफ कर दिया है कि अगर ईरान ने जल्द ही कोई समझौता नहीं किया और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला, तो उसके ऊर्जा संसाधनों और बुनियादी ढांचे को और अधिक नुकसान पहुंचाया जाएगा। सैन्य कार्रवाई फिलहाल अपनी योजना के अनुसार जारी है।




