गाजा पट्टी से गंभीर बीमार लोगों को बाहर निकालने का काम एक बार फिर शुरू हो गया है। World Health Organization (WHO) ने रविवार, 12 अप्रैल 2026 को राफा बॉर्डर के जरिए मेडिकल इवैक्यूएशन फिर से चालू किया। पिछले हफ्ते इसराइली सेना द्वारा एक ड्राइवर की हत्या के बाद इस काम को कुछ दिनों के लिए रोक दिया गया था।

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मेडिकल इवैक्यूएशन क्यों रुका था और अब क्या स्थिति है?

6 अप्रैल 2026 को गाजा में एक सुरक्षा घटना हुई थी जिसमें WHO के साथ काम करने वाले एक कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर की मौत हो गई। इसके तुरंत बाद WHO के डायरेक्टर-जनरल डॉ. टेड्रोस ने सुरक्षा कारणों से मेडिकल इवैक्यूएशन को रोकने का ऐलान किया था। 10 अप्रैल को जब संबंधित पक्षों से सुरक्षा के वादे मिले, तब इसे दोबारा शुरू करने की तैयारी हुई।

12 अप्रैल को यह प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर फिर शुरू हुई। पहले दिन खान यूनिस के मेडिकल रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल से 27 मरीज और उनके 42 साथी, यानी कुल 69 लोगों को इलाज के लिए राफा बॉर्डर के जरिए बाहर भेजा गया। हालांकि, रिपोर्ट के मुताबिक इसराइली सेना अभी भी आने-जाने वाले लोगों पर कड़ी पाबंदी लगाए हुए है।

मरीजों के चयन और ट्रांसफर की प्रक्रिया क्या है?

WHO ने स्पष्ट किया है कि वह केवल समन्वय और लॉजिस्टिक मदद प्रदान करता है। मरीजों की लिस्ट बनाने और उन्हें प्राथमिकता देने का काम ‘रेफरल कमेटी’ करती है, जिसमें गाजा के स्थानीय स्वास्थ्य अधिकारी शामिल होते हैं। इस लिस्ट को बाद में सुरक्षा मंजूरी के लिए इसराइली और मिस्र के अधिकारियों के पास भेजा जाता है।

इवैक्यूएशन के दौरान फिलिस्तीनी रेड क्रिसेंट सोसाइटी की टीमों ने मरीजों और घायलों को राफा क्रॉसिंग तक पहुँचाने में मदद की। इस बीच फ्रांस ने भी इस घटना पर गहरी चिंता जताई और मानवीय कार्यकर्ताओं की सुरक्षा की मांग की है।

तारीख घटना/अपडेट
6 अप्रैल 2026 इसराइली सेना ने WHO के कॉन्ट्रैक्ट ड्राइवर की हत्या की
7 अप्रैल 2026 WHO ने मेडिकल इवैक्यूएशन को निलंबित किया
12 अप्रैल 2026 राफा बॉर्डर से मेडिकल इवैक्यूएशन फिर शुरू हुआ
12 अप्रैल 2026 कुल 69 लोग (27 मरीज और 42 साथी) बाहर निकले
Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.