World Health Organization (WHO) के चीफ ने इसराइल से बेरूत के अस्पतालों को खाली करने के आदेश को वापस लेने की अपील की है. इस फैसले से करीब 450 मरीज़ों की जान खतरे में पड़ सकती है क्योंकि उनके पास जाने के लिए कोई दूसरी जगह नहीं है. लेबनान में इसराइल के हमलों के बाद हालात काफी खराब हो गए हैं.

ℹ️: Israel Lebanon News: Netanyahu ने लेबनान में सीजफायर से किया साफ इनकार, Hezbollah पर हमले जारी, शांति के लिए बातचीत का प्रस्ताव.

अस्पताल खाली करने में क्या दिक्कत है

WHO चीफ Tedros Adhanom Ghebreyesus ने बताया कि Rafik Hariri University Hospital और Al Zahraa Hospital में 450 मरीज़ भर्ती हैं. इनमें से 40 मरीज़ ICU में हैं जिन्हें इधर-उधर ले जाना मुमकिन नहीं है. उनके पास कोई दूसरा मेडिकल सेंटर नहीं है जहाँ इन मरीज़ों का इलाज हो सके, इसलिए इस आदेश को मानना मुश्किल है.

लेबनान में हमलों से हुआ भारी नुकसान

लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय और Civil Defense के आंकड़ों के अनुसार पिछले दो दिनों में भारी तबाही हुई है. लेबनान के प्रधानमंत्री Nawaf Salam ने 9 अप्रैल को राष्ट्रीय शोक दिवस घोषित किया था.

तारीख मौत का आंकड़ा घायलों की संख्या
8 अप्रैल 2026 254 1,165
9 अप्रैल 2026 182 जानकारी उपलब्ध नहीं

WHO ने यह भी बताया कि 2 मार्च 2026 से अब तक लेबनान में स्वास्थ्य केंद्रों पर 27 हमले हुए हैं, जिनमें 30 लोगों की मौत हुई और 35 लोग घायल हुए.

इसराइल का अगला कदम और बातचीत की उम्मीद

इसराइल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu ने लेबनान के साथ सीधी बातचीत शुरू करने के निर्देश दिए हैं. उन्होंने कहा है कि यह बातचीत जल्द से जल्द शुरू होनी चाहिए. वहीं, Doctors Without Borders (MSF) की टीमें Rafik Hariri अस्पताल में घायलों और बच्चों के इलाज में जुटी हैं.