इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाते हुए यमुना एक्सप्रेसवे औद्योगिक विकास प्राधिकरण (YEIDA) के तहत आने वाले यमुना सिटी के आवंटियों को बड़ी खुशखबरी दी है। अदालत ने वर्ष 2009 में हुए भूमि अधिग्रहण को चुनौती देने वाली किसानों की 14 याचिकाओं को सिरे से खारिज कर दिया है। इस फैसले के बाद अब सेक्टर-18 और सेक्टर-20 में फंसे हुए प्लॉटों के आवंटन का रास्ता पूरी तरह साफ हो गया है। लंबे समय से अपने प्लॉट का इंतजार कर रहे 1500 से अधिक आवंटियों के लिए यह फैसला किसी बड़ी राहत से कम नहीं है।
अदालत ने अधिग्रहण प्रक्रिया को ठहराया वैध, कहा- जनहित में लिया गया फैसला और कानूनी प्रक्रिया का हुआ पालन
हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई करते हुए स्पष्ट किया कि भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी तरह से कानूनी दायरे में थी। अदालत ने माना कि यह अधिग्रहण व्यापक सार्वजनिक हित में किया गया था और इसमें नियमों की कोई बड़ी अनदेखी नहीं हुई है। कोर्ट ने यह भी टिप्पणी की कि मुआवजे और प्रक्रिया में कोई कानूनी कमी नहीं पाई गई है। साथ ही, इस मामले में पहले भी विभिन्न स्तरों पर निर्णय दिए जा चुके हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि मामला पहले ही उच्च स्तर पर निपटाया जा चुका है। अदालत की इस टिप्पणी ने आवंटियों के पक्ष को और मजबूत कर दिया है।
मुआवजे और कब्जे को लेकर किसानों की दलीलों को प्राधिकरण ने तथ्यों के साथ किया खारिज
याचिकाकर्ता किसानों ने अदालत में तर्क दिया था कि उनकी जमीन बिना उचित प्रक्रिया के अधिग्रहित की गई और उन्हें अपनी बात रखने का पर्याप्त मौका नहीं दिया गया। कुछ किसानों का यह भी आरोप था कि मुआवजे और कब्जे से जुड़े दस्तावेज अधूरे थे। हालांकि, यमुना विकास प्राधिकरण (YEIDA) ने कोर्ट के सामने अपना पक्ष मजबूती से रखा। प्राधिकरण ने बताया कि अधिग्रहण पूरी तरह नियमानुसार हुआ है, प्रभावित किसानों को मुआवजा दिया जा चुका है और जमीन का कब्जा भी कानूनी प्रक्रिया के तहत लिया गया है। प्राधिकरण की दलीलों से सहमत होते हुए कोर्ट ने किसानों की याचिकाओं को खारिज कर दिया।
सेक्टर-18 और 20 में अब विकास कार्यों को लगेंगे पंख, 1500 आवंटियों को जल्द मिलेगा मालिकाना हक
हाईकोर्ट के इस आदेश का सीधा असर यमुना सिटी के विकास कार्यों पर पड़ेगा। अब सेक्टर-18 और सेक्टर-20 में रुके हुए विकास कार्यों में तेजी आएगी। प्राधिकरण के अनुसार, सड़क, बिजली, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर काम तत्काल प्रभाव से तेज किया जाएगा। सबसे बड़ी बात यह है कि करीब 1500 ऐसे आवंटी, जो कानूनी पचड़ों की वजह से अपने प्लॉट का कब्जा नहीं ले पा रहे थे, अब उन्हें उनका भूखंड मिल सकेगा। लंबे समय से अटकी हुई आवासीय और अन्य योजनाओं में अब नई गति आने की उम्मीद है।
आवंटन की राह हुई आसान, अब 24 फरवरी को आयोजित होगी भूखंडों की महत्वपूर्ण नीलामी
कानूनी अड़चनें दूर होने के साथ ही यमुना विकास प्राधिकरण ने भविष्य की योजनाओं पर भी काम शुरू कर दिया है। प्राधिकरण द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, आगामी 24 फरवरी को भूखंडों की नीलामी की जाएगी। यह नीलामी सेक्टर-17, 18 और 22डी की योजना के तहत होगी। इसके लिए आवेदन प्रक्रिया पहले ही पूरी कराई जा चुकी है। जिन आवेदकों ने 7 जनवरी तक अपना आवेदन जमा किया था, केवल वे ही इस नीलामी प्रक्रिया में भाग ले सकेंगे। कोर्ट के फैसले के बाद अब निवेशक और खरीदार भी अधिक उत्साह के साथ यमुना सिटी की ओर देख रहे हैं।




