ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया है। इस हमले के बाद पूरे इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है। यमन के विदेश मंत्रालय ने इस हरकत की कड़ी निंदा की है और इसे दूसरे देशों की संप्रभुता का उल्लंघन बताया है।
कुवैत और जॉर्डन में क्या हुआ
कुवैत की सेना ने हवा में ही दुश्मन के लक्ष्यों को रोक लिया था। हमले की वजह से वहां के हवाई क्षेत्र (airspace) को कुछ समय के लिए बंद करना पड़ा था। वहीं जॉर्डन के एयर डिफेंस सिस्टम ने गुरुवार को ईरान से आई 20 मिसाइलों को मार गिराया। इससे पहले बुधवार को भी 5 मिसाइलों को रोका गया था। कुवैत के विदेश मंत्रालय ने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का खुला उल्लंघन बताया है।
बहरीन में मची अफरा-तफरी
बहरीन के हमद सिटी और मनामा में ड्रोन हमलों के कारण काफी डर का माहौल रहा। यहाँ ड्रोन के टुकड़े गिरने से एक 11 साल की बच्ची घायल हो गई और कई घरों व गाड़ियों को नुकसान पहुँचा। प्रशासन ने सायरन बजाकर लोगों को सुरक्षित ठिकानों पर जाने की सलाह दी थी।
यमन और अन्य देशों का रिएक्शन
यमन के विदेश मंत्रालय ने 10 और 11 जून को बयान जारी कर ईरान की इस कार्रवाई को गलत बताया। यमन ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन के साथ अपनी पूरी एकजुटता जताई है। इनके अलावा सऊदी अरब, यूएई, कतर, मिस्र और अरब लीग ने भी इस हमले की निंदा की है। सभी देशों ने चेतावनी दी है कि इस तरह की हरकतों से क्षेत्रीय संघर्ष और बढ़ सकता है।
ईरान और अमेरिका की आपसी जंग
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने दावा किया कि उन्होंने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरान ने इसे एक सजा देने वाली कार्रवाई बताया। दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिकी सैन्य हमलों की निंदा की और कहा कि अमेरिका की वजह से पहले से चल रहा युद्धविराम अब बेकार हो गया है।
