शनिवार 28 मार्च 2026 को यमन के हूती विद्रोहियों ने इजराइल पर कई बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर सीधे तौर पर युद्ध में शामिल होने की घोषणा कर दी है। हूतियों का कहना है कि यह हमला उनके सहयोगी देश ईरान के समर्थन में किया गया है। पिछले एक महीने से चल रहे इस तनाव के बीच यह पहली बार है जब यमन से इजराइल पर सीधा हमला हुआ है। इस घटना के बाद मध्य पूर्व के देशों में तनाव और ज्यादा बढ़ गया है जिसका असर वहां रहने वाले आम लोगों और प्रवासियों पर भी पड़ सकता है।

🚨: यमन के हूती विद्रोहियों ने इज़रायल पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें, सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा

हूतियों के हमले और इजराइल की वर्तमान स्थिति

हूती सैन्य प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल Yahya Saree ने अल-मसीरा टीवी पर बताया कि उनकी मिसाइलों ने दक्षिणी इजराइल में संवेदनशील सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। इजराइली सेना ने भी इस बात की पुष्टि की है कि यमन की ओर से आई एक मिसाइल को उन्होंने हवा में ही रोक दिया। हमले के दौरान इजराइल के Beer Sheba और परमाणु अनुसंधान केंद्र के पास सुरक्षा सायरन बजाए गए। गनीमत यह रही कि इस मिसाइल हमले से किसी के हताहत होने की खबर अभी तक नहीं आई है। हूतियों ने साफ कर दिया है कि जब तक युद्ध नहीं रुकता वे अपने हमले जारी रखेंगे।

खाड़ी देशों और व्यापार पर बढ़ते युद्ध का असर

इस युद्ध के बढ़ने से खाड़ी क्षेत्र के अन्य देशों में भी हलचल तेज हो गई है। पिछले 24 घंटों में कई महत्वपूर्ण बंदरगाहों और अड्डों पर हमले हुए हैं जो वहां रहने वाले प्रवासियों और व्यापार के लिए बड़ी चिंता का विषय हैं।

स्थान या कंपनी ताजा घटनाक्रम
Oman (Salalah Port) Maersk कंपनी ने ड्रोन हमले के कारण अपना कामकाज सस्पेंड कर दिया है
Kuwait Ports Mubarak Al Kabeer और Shuwaikh बंदरगाहों को ड्रोन हमले में नुकसान पहुंचा है
Saudi Arabia Base ईरानी हमले में सऊदी स्थित एयर बेस पर अमेरिकी सैनिक घायल हुए हैं
Lebanon Border Hezbollah ने इजराइल पर पिछले 24 घंटों में 250 से ज्यादा रॉकेट दागे हैं

शांति के लिए क्या हो रहे हैं प्रयास?

क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए पाकिस्तान, सऊदी अरब, तुर्की और मिस्र के विदेश मंत्री रविवार को इस्लामाबाद में एक बैठक करेंगे। इस बैठक का मुख्य मकसद युद्ध को और ज्यादा फैलने से रोकना और तनाव कम करने का रास्ता निकालना है। हालांकि ईरान ने इन कूटनीतिक कोशिशों पर फिलहाल भरोसा नहीं जताया है। अमेरिका ने भी अपनी सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए क्षेत्र में लगभग 2,500 अतिरिक्त मरीन सैनिकों को तैनात किया है। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों को भी सलाह दी जा रही है कि वे स्थानीय खबरों और सुरक्षा नियमों का पालन करें।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.