कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला, रडार सिस्टम क्षतिग्रस्त
कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर 28 मार्च, 2026 को ड्रोन से कई हमले किए गए थे. इन हमलों में एयरपोर्ट के रडार सिस्टम को काफी नुकसान पहुंचा है, हालांकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है. नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने इन हमलों की पुष्टि की है.
हमले की पूरी जानकारी और सरकारी बयान
28 मार्च, 2026 को हुए ड्रोन हमलों में कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान हुआ, खासकर रडार सिस्टम को. इन हमलों से कोई जानमाल का नुकसान नहीं हुआ. DGCA के प्रवक्ता अब्दुल्ला अल-राजही ने बताया कि आपातकालीन प्रतिक्रिया टीम और संबंधित अधिकारियों ने तुरंत कार्रवाई की. उनका मकसद स्थिति का आकलन करना और हवाई सुरक्षा सुनिश्चित करना था. एयरपोर्ट को जल्द से जल्द पूरी तरह से चालू करने की कोशिशें जारी हैं. DGCA कुवैत में नागरिक उड्डयन की सुरक्षा बनाए रखने के लिए प्रतिबद्ध है और सभी संबंधित अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है.
हालिया हमले और कुवैत का कूटनीतिक कदम
पिछले कुछ हफ्तों से कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमलों की घटनाएं बढ़ गई हैं. 25 मार्च, 2026 को भी ड्रोन ने एयरपोर्ट पर एक फ्यूल टैंक को निशाना बनाया था, जिससे आग लग गई थी, लेकिन तब भी कोई हताहत नहीं हुआ था. इन हमलों के बाद, DGCA ने इंटरनेशनल सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन (ICAO) को एक आधिकारिक विरोध पत्र भेजा था. इस पत्र में कहा गया था कि ये हमले अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन चार्टर और समझौतों का उल्लंघन हैं. ये यात्रियों, एयरलाइंस और एयरपोर्ट कर्मचारियों की सुरक्षा के लिए खतरा हैं और हवाई यातायात को बाधित करते हैं. कुवैत के विदेश मंत्रालय ने 28 फरवरी, 2026 के बाद तीसरी बार ईरान के राजदूत मोहम्मदम तोतोन्जी को तलब किया और उन्हें विरोध नोट सौंपा. कुवैत ने इन हमलों के लिए ईरान को पूरी तरह से जिम्मेदार ठहराया और आत्मरक्षा के अपने अधिकार की बात कही. कुवैत के एयर डिफेंस सिस्टम लगातार दुश्मन मिसाइलों और ड्रोन हमलों को रोक रहे हैं. देश के कई हिस्सों में धमाकों की आवाजें इन्ही सफल इंटरसेप्शन ऑपरेशन का नतीजा हैं.




