राजस्थान में पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली के बाद अब फर्जी डिग्री बांटे जाने का बड़ा मामला सामने आया है। इसकी वजह से हजारों युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है।
OPJS यूनिवर्सिटी निकली फर्जी
राजस्थान के चुरू में स्थित ओपीजेएस यूनिवर्सिटी फर्जी है। इसका फुल फॉर्म ओम प्रकाश जोगिंदर सिंह यूनिवर्सिटी है। 2013 से अभी तक यानी 11 साल में इस यूनिवर्सिटी की तरफ से जितनी भी डिग्री बांटी गई हैं, सब फर्जी हैं।
PTI Recruitment Exam के दौरान खुलासा
यह पूरा मामला तब पकड़ में आया, जब पीटीआई भर्ती परीक्षा (PTI Recruitment Exam Rajasthan) के दौरान राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) ने सफल उम्मीदवारों के डॉक्यूमेंट्स चेक किए। उसमें 80 से ज्यादा चयनित उम्मीदवारों की डिग्रियां फर्जी निकलीं। इनमें से ज्यादातर अभ्यर्थी चूरू की ओपीजेएस यूनिवर्सिटी से पासआउट हैं। एसओजी ने OPJS यूनिवर्सिटी के संचालक और संस्थापक को गिरफ्तार कर लिया है।
फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश
SOG ने फर्जी डिग्री बनाने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था। उसमें ऐसी काफी सामग्री बरामद हुई, जिसने ओपीजेएस यूनिवर्सिटी पर सवाल खड़े कर दिए। SOG की तलाशी में OPJS यूनिवर्सिटी की 20 मार्कशीट, माइग्रेशन सर्टिफिकेट (20 खाली और 32 भरे हुए) मिले हैं। 66 खाली और 8 भरे हुए प्रोविजिनल सर्टिफिकेट भी मिले हैं। इसके अलावा OPJS यूनिवर्सिटी का चरित्र प्रमाणपत्र, 7 जाली मुहर और 44 उतर पुस्तिकाएं भी बरामद हुई हैं।
यूनिवर्सिटी में स्टाफ के नाम पर सिर्फ 7 लोग
राजस्थान एसओजी ने चूरू स्थित ओम प्रकाश जोगेंद्र सिंह (ओपीजेएस) यूनिवर्सिटी में छापा मारा था। वहां स्टाफ के नाम पर सिर्फ 7 लोग कार्यरत मिले थे। यह यूनिवर्सिटी 2013 में स्थापित हुई थी और तब से 43,409 डिग्रियां जारी कर चुकी है। अब एसओजी इन सभी डिग्रियों की जांच कर रहा है।
बिना मान्यता जारी कीं डिग्रियां
ओपीजेएस यूनिवर्सिटी ने बैक डेट में फर्जी डिग्रियां जारी की थीं। यूनिवर्सिटी को मान्यता मिलने से पहले ही बीएड और बीपीएड की डिग्रियां भी जारी की गई थीं। इस यूनिवर्सिटी में बिना मान्यता के कोर्स संचालित किए जा रहे थे। राजस्थान उच्च शिक्षा विभाग ने 24 जून को डिग्री में अनियमितता पाए जाने के बाद ओपीजेएस में सभी पाठ्यक्रमों में नए प्रवेश को रोकने का आदेश दिया था।