सऊदी अरब ने चालू किया 63.2 अरब डॉलर का Diriyah Project. भारतीय कामगारो समेत कंपनियों की आई भारी डिमांड.
सऊदी अरब का 63.2 अरब डॉलर का लग्जरी ‘दिरियाह’ (Diriyah) प्रोजेक्ट दुनियाभर के निवेशकों के लिए आकर्षण का केंद्र बन गया है, और भारतीय कंपनियां भी इसमें पीछे नहीं हैं। टाटा और ओबेरॉय जैसी दिग्गज भारतीय कंपनियों ने पहले ही इसमें निवेश की घोषणा कर दी है, और कई अन्य भारतीय कंपनियां इस भव्य प्रोजेक्ट का हिस्सा बनने के लिए तैयार हैं।
भारतीय निवेशकों का स्वागत: दिरियाह के CEO का बयान
इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक, दिरियाह प्रोजेक्ट के सीईओ जेरी इनजरिलो ने वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम 2025 के दौरान कहा, “हम भारतीय निवेशकों को इस प्रोजेक्ट में शामिल करने के लिए बेहद उत्साहित हैं। भारत हमारे सबसे बड़े व्यापारिक साझेदारों में से एक है और हमारा लक्ष्य दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को और मजबूत करना है।”
क्या है दिरियाह प्रोजेक्ट?
दिरियाह प्रोजेक्ट सऊदी अरब की राजधानी रियाद के बाहरी इलाके में विकसित किया जा रहा है और इसे ‘सिटी ऑफ अर्थ’ भी कहा जाता है। यह एक भव्य पर्यटन और रियल एस्टेट परियोजना है जो ऐतिहासिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण है क्योंकि यहीं सऊदी अरब के आधुनिक साम्राज्य की नींव रखी गई थी। यह प्रोजेक्ट यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल ‘अत-तुरैफ’ (At-Turaif) को भी अपने में समेटे हुए है।
दिरियाह प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं:
- 1 लाख लोगों के लिए आवास और ऑफिस स्पेस
- 40+ लग्जरी होटल्स
- 1,000+ रिटेल शॉप्स
- 150+ रेस्टोरेंट और कैफे
- विश्वस्तरीय विश्वविद्यालय, कला केंद्र, संग्रहालय और ओपेरा हाउस
- 20,000 सीटों वाला मल्टीपर्पज इवेंट एरीना
- गोल्फ कोर्स, इंटरनेशनल पोलो और घुड़सवारी सेंटर
इनजरिलो ने कहा कि इस परियोजना का उद्देश्य सऊदी अरब के ऐतिहासिक गौरव को बहाल करना और इसे ग्लोबल टूरिज्म मैप पर स्थापित करना है।

भारतीय कंपनियों के लिए बेहतरीन मौके
दिरियाह प्रोजेक्ट में निवेश के असीमित अवसर हैं और भारतीय कंपनियां इस मौके को भुनाने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। इनजरिलो के अनुसार, भारतीय कंपनियां पहले से ही सऊदी अरब के निर्माण, आईटी, ऊर्जा और टेलीकॉम सेक्टर में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। फिलहाल 3,000 से अधिक भारतीय कंपनियां सऊदी अरब में सक्रिय हैं।
उन्होंने बताया, “दिरियाह परियोजना को सऊदी अरब के पब्लिक इन्वेस्टमेंट फंड (PIF) का समर्थन प्राप्त है, जिससे यह भारतीय निवेशकों के लिए सुरक्षित और मजबूत निवेश का अवसर बन जाता है।”
स्पेशल इन्वेस्टमेंट पैकेज भारतीय कंपनियों के लिए:
- रिहायशी प्रोजेक्ट्स
- हॉस्पिटैलिटी (होटल्स और रिसॉर्ट्स)
- ऑफिस स्पेस
- एजुकेशन और हेल्थकेयर से जुड़े प्रोजेक्ट्स
हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में भारतीय कंपनियों की भागीदारी
भारतीय हॉस्पिटैलिटी सेक्टर भी इस प्रोजेक्ट में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। ताज होटल्स ने दिरियाह में अपना 250वां प्रॉपर्टी खोलने की योजना बनाई है जिसमें 202 कमरे होंगे। वहीं ओबेरॉय होटल्स दिरियाह के नए पोलो और घुड़सवारी केंद्र के पास एक शानदार होटल बना रहा है।
इनजरिलो ने बताया, “हम पहले ही कई भारतीय कंपनियों के साथ साझेदारी कर चुके हैं और आने वाले समय में इसमें और वृद्धि होगी।”
पर्यटन में भारत की बढ़ती भूमिका
दिरियाह प्रोजेक्ट सऊदी अरब के पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाइयों पर ले जा रहा है। इनजरिलो ने बताया कि 2022-23 में 1.5 मिलियन भारतीय पर्यटकों ने सऊदी अरब का दौरा किया, जो पिछले साल की तुलना में 50% अधिक है।
दिरियाह के दो सबसे बड़े आकर्षण – ‘अत-तुरैफ’ और ‘बुजैरी टेरेस’ अब तक 30 लाख से अधिक पर्यटकों को आकर्षित कर चुके हैं। इनजरिलो ने कहा, “हम उम्मीद करते हैं कि 2030 तक हर साल 50 मिलियन से अधिक पर्यटक दिरियाह आएंगे, जिनमें बड़ी संख्या भारतीय पर्यटकों की होगी।”
भारत-सऊदी अरब व्यापार संबंध होंगे और मजबूत
भारत और सऊदी अरब पहले से ही मजबूत व्यापारिक साझेदार हैं। इनजरिलो ने बताया कि भारत, सऊदी अरब का दूसरा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और सऊदी अरब, भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक सहयोगी है। 2022-23 में भारत-सऊदी व्यापार का कुल मूल्य 52.8 अरब डॉलर था। दिरियाह प्रोजेक्ट इस साझेदारी को नई ऊंचाइयों पर ले जाएगा।
भारतीय पेशेवरों की अहम भूमिका
सिर्फ निवेश ही नहीं, भारतीय पेशेवर भी इस गीगा प्रोजेक्ट में अपनी अहम भूमिका निभा रहे हैं। इनजरिलो ने बताया कि 200 से अधिक भारतीय इंजीनियर, डिजाइनर, वित्त विशेषज्ञ और अन्य पेशेवर इस प्रोजेक्ट में काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम भारतीय प्रतिभा और कौशल को बेहद महत्वपूर्ण मानते हैं और भविष्य में इस संख्या में और वृद्धि की उम्मीद करते हैं।”
भारतीय CEOs की दिलचस्पी
इनजरिलो ने बताया कि हाल ही में कई भारतीय कंपनियों के सीईओ और बिजनेस लीडर्स दिरियाह प्रोजेक्ट के मौके समझने के लिए वहां का दौरा कर चुके हैं। उन्होंने कहा, “हमने 20-50 भारतीय सीईओ के समूहों की मेजबानी की है, जो सऊदी अरब में संभावित निवेश अवसरों को तलाशने आए थे। यह साझेदारी भविष्य में और मजबूत होगी।”
दिरियाह प्रोजेक्ट भारतीय कंपनियों और पेशेवरों के लिए एक सुनहरा मौका बनकर उभर रहा है। निवेश, पर्यटन और पेशेवर अवसरों के साथ यह प्रोजेक्ट भारत और सऊदी अरब के बीच रिश्तों को और मजबूत करने जा रहा है। अगर आप भी इस गीगा प्रोजेक्ट में अवसर तलाश रहे हैं, तो यह समय सही है!
FAQ:
Q1. दिरियाह प्रोजेक्ट क्या है?
यह सऊदी अरब के रियाद में स्थित एक भव्य पर्यटन और रियल एस्टेट प्रोजेक्ट है, जिसमें ऐतिहासिक यूनेस्को धरोहर ‘अत-तुरैफ’ भी शामिल है।
Q2. भारतीय कंपनियों के लिए इसमें कौन-कौन से अवसर हैं?
रिहायशी, हॉस्पिटैलिटी, ऑफिस स्पेस, एजुकेशन, हेल्थकेयर आदि में निवेश के मौके हैं।
Q3. भारतीय कंपनियों में किसने अब तक निवेश किया है?
टाटा, ओबेरॉय और ताज होटल्स जैसी कंपनियों ने पहले ही निवेश की घोषणा कर दी है।
Q4. इस प्रोजेक्ट में कितने भारतीय पेशेवर काम कर रहे हैं?
करीब 200 से अधिक भारतीय पेशेवर इस प्रोजेक्ट में सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।





