MEA का बड़ा अपडेट: मिडिल ईस्ट संकट के बीच 1.30 लाख भारतीय लौटे घर, जानिए Flight का ताज़ा हाल
मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव के बीच भारत सरकार ने एक बड़ा अपडेट दिया है। विदेश मंत्रालय (MEA) के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक लगभग 1,30,000 भारतीय सुरक्षित अपने घर लौट चुके हैं। खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा को लेकर सरकार लगातार कदम उठा रही है। एडिशनल सेक्रेटरी (गल्फ) असीम महाजन ने इस बात की जानकारी दी है।
किस देश से कितने भारतीय लौटे और क्या है Flight का स्टेटस
सरकार की रिपोर्ट के मुताबिक अकेले 1 से 7 मार्च के बीच 52,000 से ज्यादा लोग वापस आए हैं। अलग-अलग देशों से आने वालों के आंकड़े कुछ इस प्रकार हैं:
- कतर (Qatar): Qatar Airways और सऊदी के रास्ते करीब 2,900 भारतीय लौटे हैं।
- बहरीन (Bahrain): Gulf Air के जरिए 1,000 से ज्यादा लोग वापस आए हैं।
- ईरान (Iran): यहां फंसे करीब 9,000 लोगों में से कई लोग अज़रबैजान और आर्मेनिया के बॉर्डर के रास्ते सुरक्षित निकले हैं।
खाड़ी देशों में हवाई सफर को लेकर भी कई बड़े बदलाव हुए हैं। किस देश में क्या स्थिति है, इसे आप नीचे देख सकते हैं:
| देश | फ्लाइट और यात्रा का ताज़ा हाल |
|---|---|
| कुवैत (Kuwait) | एयरस्पेस बंद है। Jazeera Airways अब सऊदी अरब के Al-Qaisumah एयरपोर्ट से ऑपरेट कर रही है। यहां से जल्द भारत के लिए उड़ानें शुरू होंगी। |
| सऊदी अरब (Saudi Arabia) | हवाई रास्ता खुला है। Air India Express और IndiGo ने रियाद से उड़ानें शुरू कर दी हैं। जेद्दा, मदीना और दम्माम से भी उड़ानें चालू हैं। |
| यूएई (UAE) | हालात बेहतर हुए हैं और कई एयरपोर्ट से कमर्शियल उड़ानें चल रही हैं। |
| इराक (Iraq) | एयरस्पेस बंद है। विदेश मंत्रालय सऊदी अरब के जरिए लोगों को निकाल रहा है। |
सरकार और दूतावास की क्या है तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और विदेश मंत्री एस जयशंकर खाड़ी देशों के नेताओं से लगातार बात कर रहे हैं ताकि वहां रहने वाले करीब 1 करोड़ भारतीयों की सुरक्षा तय की जा सके। विदेश मंत्रालय ईरान और आसपास के देशों में फंसे लोगों को वीजा सपोर्ट दे रहा है।
इसके साथ ही Safesea Vishnu जहाज पर फंसे 15 भारतीयों को भी वापस लाने की कोशिश चल रही है। ओमान के मस्कट में दो भारतीयों की मौत की भी खबर है, जिनके शव वापस लाने का काम जारी है।
खाड़ी देशों में रहने वाले सभी भारतीयों से कहा गया है कि वे अपने स्थानीय दूतावास के सोशल मीडिया हैंडल्स पर नजर रखें और वहां खुद को रजिस्टर करें। किसी भी मुश्किल में इमरजेंसी हेल्पलाइन नंबर पर कॉल कर मदद ली जा सकती है।




