Indian Navy ने फारस की खाड़ी के पास तैनात किए 3 युद्धपोत, भारत आने वाले जहाजों को मिलेगी कड़ी सुरक्षा
भारतीय नौसेना ने फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी के पास अपने तीन युद्धपोतों को हाई अलर्ट पर रखा है। यह कदम भारत की तरफ आने वाले मर्चेंट जहाजों और तेल टैंकरों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है। क्षेत्र में चल रहे तनाव को देखते हुए नौसेना ने ऑपरेशन संकल्प के तहत यह तैनाती की है, ताकि भारतीय झंडे वाले जहाजों को किसी भी तरह के खतरे से बचाया जा सके और ऊर्जा आपूर्ति में कोई बाधा न आए।
भारत आ रहे LPG टैंकरों की सुरक्षित वापसी
नौसेना ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले भारतीय जहाजों को हथियारों से लैस सुरक्षा देना शुरू कर दिया है। हाल ही में दो बड़े LPG टैंकरों को नौसेना की निगरानी में सुरक्षित बाहर निकाला गया है।
- LPG Tanker Shivalik: यह जहाज सुरक्षित निकल चुका है और ओमान की खाड़ी में एस्कॉर्ट किया जा रहा है। इसके 16 मार्च 2026 तक मुंद्रा पोर्ट पहुंचने की उम्मीद है।
- LPG Tanker Nanda Devi: इस जहाज को भी नौसेना की सुरक्षा में निकाला गया है और यह 17 मार्च तक कांडला पोर्ट पर डॉक करेगा।
- इन दोनों जहाजों में करीब 85,000 मीट्रिक टन LPG मौजूद है, जिसे इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOC) के लिए लाया जा रहा है।
778 भारतीय नाविकों की हो रही मॉनिटरिंग
बंदरगाह, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार 28 भारतीय जहाजों पर 778 भारतीय नाविक मौजूद हैं। इन सभी की सुरक्षा पर लगातार पैनी नजर रखी जा रही है। नाविकों की मदद के लिए डायरेक्टरेट जनरल ऑफ शिपिंग (DGS) ने एक खास 24/7 कंट्रोल रूम भी बनाया है।
28 फरवरी 2026 से अब तक इस कंट्रोल रूम ने 2,425 कॉल और 4,441 ईमेल के जरिए भारतीय क्रू मेंबर्स की सुरक्षा के लिए काम किया है। इन 28 जहाजों में से 24 जहाज फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में और 4 जहाज पूर्व में मौजूद हैं।
ईरान ने दिया भारत को सुरक्षित रास्ते का भरोसा
इस पूरे मामले में राजनयिक स्तर पर भी बातचीत चल रही है। भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने शिपिंग सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हाल ही में ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची से चार बार बातचीत की है। वहीं भारत सरकार ने वाणिज्यिक शिपिंग को निशाना बनाने पर आपत्ति जताई है।
भारत में ईरान के राजदूत मोहम्मद फतह अली ने 15 मार्च को आधिकारिक बयान दिया कि दोनों देशों की पुरानी दोस्ती को देखते हुए ईरान भारत आने वाले जहाजों को सुरक्षित रास्ता देगा। इसके साथ ही भारतीय नौसेना के युद्धपोत अत्याधुनिक एयर डिफेंस सिस्टम से लैस हैं जो किसी भी ड्रोन या प्रोजेक्टाइल हमले को नाकाम करने की क्षमता रखते हैं।




