भारतीय शेयर बाजार में कोहराम. Adani पर लगा भारी अमेरिकी आरोप, कई स्टॉक में लोअर सर्किट. NIFTY 23280 तक गिरा.
आज सुबह, 21 नवंबर 2024, भारतीय शेयर बाजार ने कुछ अलग ही तस्वीर पेश की। जैसे ही निफ्टी50 खुला, निवेशकों के चेहरों पर चिंता की लकीरें साफ दिखने लगीं। 23,400 के स्तर से नीचे खुलने के बाद, निफ्टी सीधा 23,280.60 तक गिर गया। यह 250 अंकों की गिरावट, किसी साधारण उतार-चढ़ाव से कहीं ज्यादा हैं।
निफ्टी50: क्या है इस गिरावट की वजह?
बाजार के जानकारों ने तुरंत अपने विश्लेषण शुरू कर दिए। हर कोई यही समझने की कोशिश कर रहा था कि आखिर ऐसा क्या हुआ, जिससे बाजार अचानक लुढ़क गया।
भालू का खेल (Bearish Control)
“बाजार में भालू (बिक्री करने वाले निवेशक) पूरी तरह से हावी हो चुके हैं,” एक विशेषज्ञ ने कहा। हर बार जब निफ्टी थोड़ा ऊपर जाता है, निवेशक उसे बेचने लगते हैं। यह सिलसिला लगातार जारी है और इस वजह से बाजार पर दबाव बढ़ता जा रहा है।
वैश्विक घटनाओं का असर
इसके अलावा, दुनिया भर के बाजारों की हलचल भी भारतीय शेयर बाजार को प्रभावित कर रही है।
- अमेरिकी बाजार में उतार-चढ़ाव।
- रूस-यूक्रेन तनाव की खबरें।
- एशियाई बाजारों में कमजोरी।
इन सबने मिलकर भारतीय निवेशकों के आत्मविश्वास को कमजोर कर दिया है।

तकनीकी संकेत
निफ्टी50 ने 200-दिन के मूविंग एवरेज (DMA) के नीचे कारोबार किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह 23,333 और 23,213 के स्तर पर समर्थन न पा सका, तो गिरावट और गहरी हो सकती है।
अदानी स्टॉक्स: एक और झटका
जब बाजार की खबरें पहले से ही तनावपूर्ण थीं, अदानी समूह के स्टॉक्स से आई खबर ने जैसे आग में घी डाल दिया।
भ्रष्टाचार के आरोप
सुबह-सुबह एक बड़ी खबर ने निवेशकों को चौंका दिया। अमेरिकी संघीय अभियोजकों ने अदानी समूह के प्रमुख गौतम अदानी और उनके सहयोगियों पर $250 मिलियन की रिश्वत देने के आरोप लगाए। यह मामला भारतीय सौर ऊर्जा अनुबंधों से जुड़ा बताया गया।
शेयर की कीमतों में भारी गिरावट
इस खबर का सीधा असर अदानी समूह के स्टॉक्स पर पड़ा।
- अदानी एंटरप्राइजेज के शेयर 10% गिरकर ₹2,539.35 पर पहुंच गए।
- अदानी ग्रीन एनर्जी 17% गिरकर ₹1,172.50 पर बंद हुआ।
यह गिरावट बताती है कि पिछले कुछ महीनों के विवाद और आरोपों ने अदानी स्टॉक्स को बुरी तरह झकझोर दिया है।
निवेशकों की प्रतिक्रिया
“अब इन स्टॉक्स में निवेश करना बहुत जोखिम भरा हो गया है,” एक निवेशक ने कहा। SEC के आरोपों के बाद, अदानी समूह की अंतरराष्ट्रीय साख को भी नुकसान हुआ है। निवेशक अब अपने पैसे बचाने के लिए इन स्टॉक्स से दूरी बना रहे हैं।




