नेपाल के दक्षिणी हिस्सों और भारतीय सीमा से सटे इलाकों में इन दिनों सांप्रदायिक तनाव और हिंसा की घटनाओं ने चिंता बढ़ा दी है। बिगड़ते हालात को देखते हुए प्रशासन ने कमर कस ली है और संवेदनशील इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सुरक्षा एजेंसियों ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कड़े कदम उठाए हैं, ताकि शांति व्यवस्था बनी रहे।
सोशल मीडिया पर एक आपत्तिजनक पोस्ट से शुरू हुआ विवाद, देखते ही देखते कई इलाकों में हिंसक हो गई भीड़
यह पूरा विवाद सोशल मीडिया पर वायरल हुई एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट के बाद शुरू हुआ। इस पोस्ट को लेकर नाराजगी इतनी बढ़ गई कि इसने हिंसक रूप ले लिया और कई स्थानों पर दो पक्षों के बीच झड़पें शुरू हो गईं। तनावपूर्ण माहौल के बीच उपद्रवियों द्वारा तोड़फोड़ की घटनाएं भी सामने आई हैं। विवाद बढ़ने के बाद भीड़ बेकाबू होने लगी, जिससे सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा और आम जनजीवन प्रभावित हुआ।
भीड़ को काबू करने के लिए पुलिस ने छोड़े आंसू गैस के गोले, उपद्रव में शामिल कई लोगों को हिरासत में लिया गया
हालात को बिगड़ता देख सुरक्षा बलों को मोर्चा संभालना पड़ा। हिंसा पर उतारू भीड़ को तितर-बितर करने और स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए हिंसा और उपद्रव में शामिल कई संदिग्धों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों द्वारा इन लोगों से सख्ती से पूछताछ की जा रही है। प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
सीमावर्ती जिलों में सुरक्षा बलों की गश्त तेज, अफवाहों और भड़काऊ पोस्ट पर प्रशासन रख रहा है पैनी नजर
तनाव को देखते हुए संवेदनशील और सीमावर्ती इलाकों में सुरक्षा बलों की गश्त बढ़ा दी गई है। चप्पे-चप्पे पर निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी अप्रिय घटना को रोका जा सके। अधिकारियों ने आम जनता से संयम बरतने, शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। इसके अलावा, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फैल रही भ्रामक जानकारियों और उकसावे वाली गतिविधियों पर भी साइबर सेल द्वारा निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि शांति भंग करने की कोशिश करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।





