Saudi Arabia ने रोका Mukaab प्रोजेक्ट का काम, अब अमीर परिवारों से पैसे जुटाने की तैयारी
Saudi Arabia अपनी आर्थिक स्थिति को संभालने के लिए अब अमीर परिवारों और बड़े विदेशी निवेशकों की तरफ देख रहा है। खबर है कि रियाद में बन रहे विशाल ‘Mukaab’ प्रोजेक्ट का काम फिलहाल रोक दिया गया है। सरकार अब पैसों की व्यवस्था और प्रोजेक्ट की व्यावहारिकता को दोबारा जांच रही है। इसके साथ ही, जनवरी 2026 में सऊदी अरब ने अंतरराष्ट्रीय बाज़ार में 11.5 अरब डॉलर से ज्यादा के बॉन्ड बेचकर पैसा जुटाया है।
अमीरों को लुभाने के लिए वीज़ा के नए नियम
Saudi Arabia दुनिया के रईसों को अपने देश में लाने के लिए वीज़ा नियमों में बड़े बदलाव की योजना बना रहा है। सरकार चाहती है कि ज्यादा से ज्यादा पैसा देश के अंदर आए।
- अगर किसी व्यक्ति के पास 3 करोड़ डॉलर (करीब 30 मिलियन डॉलर) की संपत्ति है, तो उसे ‘प्रीमियम रेजिडेंसी’ देने पर विचार चल रहा है।
- जिन लोगों के पास बड़े सुपरयॉट (Superyacht) हैं, उनके लिए भी वीज़ा के नियम आसान किए जा सकते हैं, जैसा नियम अबू धाबी में है।
- इस खास वीज़ा के लिए सीधे निवेश मंत्रालय (Ministry of Investment) से सिफारिश की जरूरत पड़ सकती है।
- सरकार का मकसद वीज़ा फीस से पैसे कमाना नहीं, बल्कि इन अमीरों के जरिए देश में बड़ा निवेश लाना है।
तेल के दाम और प्रोजेक्ट्स पर असर
कच्चे तेल की कीमतें कम होने के कारण Saudi Arabia अपनी रणनीति बदल रहा है। अभी तेल का भाव 60 से 75 डॉलर प्रति बैरल के बीच है, जबकि सरकार के खर्चे पूरे करने के लिए इसे करीब 96 डॉलर होना चाहिए था। पैसे की कमी को देखते हुए PIF (Public Investment Fund) अब ‘The Line’ जैसे बहुत महंगे प्रोजेक्ट्स की जगह AI, माइनिंग और डेटा सेंटर जैसे सेक्टर पर ज्यादा ध्यान दे रहा है। Mukaab प्रोजेक्ट की खुदाई के बाद काम को फिलहाल रोक दिया गया है ताकि फंडिंग का सही हिसाब लगाया जा सके।





