वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण का बड़ा ऐलान, होमस्टे चलाने वालों को अब मिलेगा मुद्रा लोन, 20 हजार करोड़ का फंड जारी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पर्यटन को बढ़ावा देने और रोजगार पैदा करने के लिए खजाना खोल दिया है। सरकार ने होमस्टे (Homestays) चलाने वालों को बड़ी राहत देते हुए उन्हें मुद्रा लोन (MUDRA Loan) के दायरे में शामिल कर लिया है। इसके साथ ही देश में मेडिकल टूरिज्म और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाने के लिए 20 हजार करोड़ रुपये के फंड का भी ऐलान किया गया है।
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होमस्टे वालों को कैसे मिलेगा फायदा?
सरकार ने ग्रामीण और सांस्कृतिक पर्यटन को गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए मुद्रा योजना में बड़ा बदलाव किया है। अब अपना घर पर्यटकों को रहने के लिए देने वाले यानी होमस्टे मालिक भी इस योजना के तहत आसान लोन ले सकेंगे। इसका सीधा मकसद छोटे उद्यमियों को मदद पहुंचाना और स्थानीय स्तर पर कमाई के मौके बढ़ाना है। पर्यटन उद्योग से जुड़े लोगों ने होमस्टे मालिकों के लिए लोन की सीमा 20 लाख से बढ़ाकर 40 लाख रुपये करने की मांग भी रखी है, ताकि सुविधाओं को और आधुनिक बनाया जा सके।
मेडिकल टूरिज्म और वीज़ा नियमों में क्या बदला?
विदेशी मरीजों को इलाज के लिए भारत बुलाने के लिए ‘Heal in India’ मुहिम पर जोर दिया जा रहा है। सरकार अमेरिका और यूरोप जैसे देशों से आने वाले मेडिकल पर्यटकों के लिए ‘वीज़ा-ऑन-अराइवल’ (Visa-on-Arrival) सुविधा शुरू करने पर विचार कर रही है। इसके अलावा ई-वीज़ा (E-Visa) के नियमों को आसान बनाया गया है और कुछ श्रेणियों में वीज़ा फीस माफ़ करने की भी पेशकश की गई है। राज्यों को पर्यटन स्थलों का विकास करने के लिए 20,000 करोड़ रुपये दिए जाएंगे, जिससे सड़कों और कनेक्टिविटी में सुधार होगा।
बजट और फंड पर एक नजर:
- पर्यटन फंड: राज्यों के लिए ₹20,000 करोड़
- मंत्रालय का बजट (2025-26): ₹2,541.06 करोड़
- मेडिकल टूरिज्म मार्केट (2030 तक अनुमान): $16.21 बिलियन
- फोकस: 50 प्रमुख पर्यटन स्थलों का विकास





