NRI Salary Tax Rules: विदेश में कमाई सैलरी सीधे भारतीय खाते में आई तो क्या लगेगा टैक्स? ITAT ने सुनाया बड़ा फैसला
विदेश में काम करने वाले भारतीयों (NRIs) के लिए इनकम टैक्स अपीलीय ट्रिब्यूनल (ITAT) अहमदाबाद ने एक बड़ी राहत भरी खबर सुनाई है। ट्रिब्यूनल ने साफ कर दिया है कि अगर कोई NRI विदेश में नौकरी करता है और उसकी सैलरी सीधे भारत में उसके NRE अकाउंट में जमा होती है, तो उस पर भारत में टैक्स नहीं लगेगा। यह ऐतिहासिक फैसला ‘कौशल गणपतभाई पटेल बनाम इनकम टैक्स ऑफिसर’ के मामले में आया है, जिससे लाखों प्रवासियों की चिंता दूर हो गई है।
क्या है पूरा मामला और क्यों भेजा गया था नोटिस?
कौशल गणपतभाई पटेल सेशेल्स (Seychelles) में एक कंपनी में नौकरी करते थे। उनकी सैलरी सीधे उनके भारतीय बैंक के NRE अकाउंट में जमा हो रही थी। टैक्स विभाग ने इनकम टैक्स एक्ट की धारा 5(2)(a) का हवाला देते हुए कहा कि पैसा भारत में ‘प्राप्त’ (Received) हुआ है, इसलिए इस पर भारत में टैक्स बनना चाहिए। विभाग ने विदेशी सैलरी और अन्य जमा रकम को जोड़कर करीब 1.87 करोड़ रुपये की आय पर सवाल उठाए थे और इसे टैक्स के दायरे में लाने की कोशिश की थी।
ट्रिब्यूनल ने अपने फैसले में क्या कहा?
ITAT की बेंच ने विभाग की दलील को खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि सैलरी पर पहला अधिकार वहां बनता है जहां सेवाएं दी गई हैं। चूंकि नौकरी सेशेल्स में की गई थी, इसलिए सैलरी को कानूनन वहीं ‘प्राप्त’ माना जाएगा। भारत के बैंक खाते में पैसा आना सिर्फ रकम का इस्तेमाल या ट्रांसफर (Application of Income) है, न कि पहली बार आय की प्राप्ति। कोर्ट ने कहा कि केवल बैंक खाता भारत में होने से विदेशी कमाई पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता।
गल्फ और अन्य देशों में रहने वाले भारतीयों को फायदा
यह फैसला उन लाखों भारतीयों के लिए महत्वपूर्ण है जो खाड़ी देशों (Gulf) या अन्य मुल्कों में काम करते हैं। अक्सर लोग सुविधा के लिए अपनी सैलरी सीधे NRE अकाउंट में मंगवाते हैं। इस फैसले से यह साफ हो गया है कि ‘डबल टैक्सेशन’ का डर अब नहीं रहेगा। ट्रिब्यूनल ने इस मामले में करदाता को पूरी राहत देते हुए 1.87 करोड़ रुपये की एडिशन को हटा दिया है। जानकारों का कहना है कि यह नियम प्रवासियों के लिए बैंकिंग को आसान बनाएगा।
केस से जुड़ी मुख्य जानकारी:
- केस का नाम: कौशल गणपतभाई पटेल बनाम ITO (अहमदाबाद)
- फैसले की तारीख: 9 फरवरी 2026
- कुल राहत: 1.87 करोड़ रुपये से अधिक की रकम पर टैक्स नोटिस रद्द
- मुख्य नियम: सेवा वाले देश में ही मानी जाएगी आय की प्राप्ति, भारत में जमा करने पर टैक्स नहीं




