सऊदी अरब ने नाकाम किया बड़ा हमला, Shaybah Oil Field की तरफ आ रहे 14 ड्रोन मार गिराए
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने देश की ऊर्जा सुरक्षा को निशाना बनाने वाले एक बड़े हमले को सफलतापूर्वक विफल कर दिया है। रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने पुष्टि की है कि सऊदी एयर डिफेंस ने ‘रूब अल-खाली’ (Empty Quarter) रेगिस्तान में 14 सशस्त्र ड्रोन को मार गिराया है। ये सभी ड्रोन शायबा (Shaybah) तेल क्षेत्र की ओर बढ़ रहे थे, जिसे सुरक्षित बचा लिया गया है।
हमले को लेकर क्या है ताजा अपडेट?
शुरुआती खबरों में केवल 4 ड्रोन को रोकने की बात कही गई थी, लेकिन 7 मार्च तक मिली जानकारी के अनुसार कुल 14 ड्रोन को नष्ट किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि इन हमलों का मकसद वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को बाधित करना था। सऊदी सेना ने रेगिस्तानी इलाके में ही इन हवाई खतरों को पहचान कर उन्हें नष्ट कर दिया, जिससे किसी भी तरह का नुकसान होने से बच गया।
इसके अलावा, सऊदी सुरक्षा बलों ने पिछले 24 घंटों में अल-खर्ज में प्रिंस सुल्तान एयर बेस की तरफ दागी गई एक बैलिस्टिक मिसाइल और एक क्रूज मिसाइल को भी हवा में ही खत्म कर दिया है। रियाद के उत्तर-पूर्व में भी एक ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की खबर सामने आई है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि देश की सीमाओं और महत्वपूर्ण ठिकानों की सुरक्षा के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।
क्या तेल उत्पादन पर कोई असर पड़ा है?
सऊदी अरामको के शायबा फील्ड में काम सामान्य रूप से चल रहा है और उत्पादन में कोई रुकावट नहीं आई है। यह फील्ड हर दिन लगभग 10 लाख बैरल कच्चा तेल (Crude Oil) का उत्पादन करता है, जो दुनिया भर में सप्लाई के लिए काफी अहम माना जाता है। हमले का उद्देश्य भले ही कामकाज को रोकना था, लेकिन मजबूत डिफेंस सिस्टम के कारण ऐसा नहीं हो पाया।
सऊदी अरब में काम करने वाले प्रवासियों और भारतीय कामगारों के लिए राहत की बात यह है कि रिहायशी इलाकों या किसी नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। मंत्रालय ने सुरक्षा को लेकर हाई अलर्ट जारी रखा है और संवेदनशील इलाकों के पास कड़ी निगरानी रखी जा रही है ताकि भविष्य में ऐसे किसी भी प्रयास को रोका जा सके।





