सऊदी अरब पर ईरानी हमलों के बीच बड़ा फैसला, पाकिस्तान के साथ डिफेंस एग्रीमेंट हुआ एक्टिव
सऊदी अरब और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ गया है। हाल ही में सऊदी अरब के कई अहम ठिकानों पर हुए हमलों के बाद किंगडम ने पाकिस्तान के साथ अपने सुरक्षा समझौते को एक्टिव कर दिया है। रियाद में सऊदी रक्षा मंत्री प्रिंस खालिद बिन सलमान और पाकिस्तानी सेना प्रमुख जनरल असीम मुनीर के बीच एक हाई-लेवल मीटिंग हुई है। इसमें ईरान के हमलों को रोकने और जवाब देने की रणनीतियों पर चर्चा की गई है।
14 ड्रोन और 3 क्रूज मिसाइल हमले किए गए नाकाम
पिछले 24 से 48 घंटों में सऊदी अरब के डिफेंस सिस्टम ने कई बड़े हमलों को नाकाम किया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘शायबाह आयल फील्ड’ (Shaybah oil field) को निशाना बनाने वाले 14 ड्रोन को हवा में ही मार गिराया गया। इसके अलावा, अल-खर्ज में स्थित ‘प्रिंस सुल्तान एयर बेस’ की तरफ दागी गई 3 क्रूज मिसाइलों को भी रोका गया है। रास तनूरा रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले की कोशिश की गई थी।
सऊदी अरब ने साफ किया है कि सितंबर 2025 में हुए ‘Strategic Mutual Defense Agreement’ (SMDA) के तहत अब पाकिस्तान के साथ मिलकर सुरक्षा कदम उठाए जाएंगे। इस समझौते के नियम बहुत स्पष्ट हैं, जिसके तहत किसी एक देश पर हमला दोनों देशों पर हमला माना जाएगा। सऊदी रक्षा मंत्रालय ने इन हमलों को विश्वासघाती बताया है और सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाने की बात कही है।
पाकिस्तान की भूमिका और कूटनीतिक बातचीत
पाकिस्तान इस पूरे मामले में बहुत ही संभल कर कदम रख रहा है जिसे ‘सेफ गेम’ कहा जा रहा है। पाकिस्तान के डिप्टी पीएम और विदेश मंत्री इशाक डार ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची से इमरजेंसी कॉल पर बात की है। पाकिस्तान ने ईरान को भरोसा दिलाया है कि सऊदी की जमीन का इस्तेमाल उनके खिलाफ अमेरिकी या इजरायली हमलों के लिए नहीं होने दिया जाएगा।
हालांकि, पाकिस्तान ने ईरान को यह भी स्पष्ट कर दिया है कि सऊदी अरब के साथ उसका रक्षा समझौता उसे मदद करने के लिए बाध्य करता है। प्रिंस खालिद बिन सलमान ने कहा है कि इन हमलों को रोकना क्षेत्र की सुरक्षा के लिए बहुत जरूरी है और ईरान को ‘बुद्धिमानी’ से काम लेना चाहिए। सऊदी में रहने वाले लाखों भारतीय और अन्य प्रवासियों के लिए यह खबर अहम है क्योंकि हमलों के कारण हवाई यात्रा और स्थानीय सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।





